डीजल से चलने वाली स्कूली बसों और सीटी-डीटी व ईटी सीरीज के टेंपों वालों को संभागीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) की बैठक में बड़ी राहत दी गई है। आठ साल पुरानी स्कूल बसों को चरणबद्ध तरीके से दिसंबर तथा शेष को मार्च 2018 तक सीएनजी में परिवर्तित करने की छूट होगी। वहीं सीटी-डीटी, ईटी सीरीज के टेंपो अब दिसंबर तक सड़कों पर चलेंगे। सीएनजी वाहनों की कम उपलब्धता को देखते हुए एक ही सीरीज के वाहनों को दो भागों में बांटकर शहरियों को सुविधा देने का प्रयास किया गया है। साथ ही अब बिना सीएनजी में परिवर्तन के डीजल चलित वाहनों के नए परमिट नहीं दिए जाएंगे। इस निर्णय से करीब 4500 छोटे, बड़े वाहनों स्वामियों को राहत मिलेगी।
मंडलायुक्त सभागार में शुक्रवार को हुई संभागीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) की बैठक में कमिश्नर डॉ. आशीष गोयल की अध्यक्षता में स्कूल बस संचालकों को बड़ी राहत दी गई। निर्णय लिया गया कि 31 जुलाई तक 8 साल पुरानी स्कूल बस 30 सितंबर तथा 1 अगस्त से 30 दिसंबर तक आठ साल पुरानी स्कूल बसों को सीएनजी में परिवर्तन के लिए 31 दिसंबर तक की मोहलत दी गई है। शेष को 31 मार्च 2018 तक की मोहलत दी गई है।
20 अगस्त से बंद होने वाले एटी, बीटी सीरीज के डीजल चलित टेंपो के लिए कोई राहत न देते हुए धरपकड़ तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं सीटी सीरीज के 1 से 5000 नंबर तक के टेंपो 20 सितंबर तक चलेंगे। इन्हें सीएनजी किट या वाहन के लिए 30 अगस्त तक बुकिंग करानी होगी। इसके बाद बुकिंग कराने वालों को 500 विलंब शुल्क देना होगा। इसी सीटी सीरीज के 5001 से 9999 तक के वाहन स्वामियों को 20 अक्तूबर तक सीएनजी में बदलना होगा। इसके लिए 20 सितंबर तक बुकिंग करानी होगी। इसके बाद 1 से 20 सितंबर तक बुकिंग कराने वालों को 1000 रुपये विलंब शुल्क अदा करना होगा।
डीजल चलित डीटी सीरीज के 1 से 5000 नंबर तक के टेंपो वालों को सीएनजी में परिवर्तन के लिए 20 नवंबर तक का समय दिया गया है। इन्हें 30 अक्तूबर तक बुकिंग करानी होगी। 1 से 20 नवंबर तक बुकिंग कराने वालों को 1500 रुपये विलंब शुल्क भरना पड़ेगा। डीटी सीरीज के 5001 से 9999 नंबर तक के टेंपो वालों को 20 दिसंबर तक का समय दिया गया है। इन्हें 30 नवंबर तक बुकिंग करानी होगी। 1 से 20 दिसंबर तक बुकिंग कराने वालों को 2000 रुपये विलंब शुल्क भरना पड़ेगा। साथ ही ईटी सीरीज के सभी वाहनों को सीएनजी 30 दिसंबर तक की परिचालन की मोहलत दी गई है। सीएनजी वाहन या किट के लिए इन वाहन संचालकों को 10 दिसंबर तक बुकिंग करानी होगी। ऐसा न होने की स्थिति में 10 से 30 दिसंबर के बीच 2500 रुपये विलंब शुल्क देना होगा। आरटीए के सचिव सगीर अहमद के मुताबिक इस बैठक में डीजल वाहनों को सीएनजी में परिवर्तन की तय समय सीमा नहीं बढ़ाई जाएगी।
संभागीय परिवहन प्राधिकरण(आरटीए) की बैठक में शुक्रवार को संगम नगरी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए डीजल वाहनों को बंद करने की तिथि बढ़ाने के साथ शहर भर में सीएनजी पंप खोलने का निर्णय लिया गया। अध्यक्षता करते हुए मंडलायुक्त डॉ. आशीष कुमार गोयल ने सीएनजी आपूर्ति बाधित न हो इसके लिए ज्यादा से ज्यादा सीएनजी आउटलेट खोलने की बात कही। उन्होंने कहा कि सीएनजी पंप की स्थापना के समय ध्यान रखा जाए कि कम से कम छह आपूर्ति केंद्र शहर के बीच में हों। साथ ही निर्देश दिया कि शहर के बाहर निकलने वाले सभी रास्तों पर जैसे अंदावा, झूंसी, कानपुर रोड और नैनी समेत अन्य क्षेत्रों में सीएनजी पंप स्थापित किए जाएं। सीएनजी आपूर्ति बाधित न हो इसके लिए अधिक आउटलेट बनाने के निर्देश दिए।
बसों और दूसरे वाहनों को सीएनजी में परिवर्तित करने के लिए जियो आउटलेट, श्वेता इंटरप्राइजेज और सिंह ऑटोमोबाइल को जिम्मेदारी दी गई है। बैठक में बताया गया कि मौजूदा समय में सीएनजी पंप ऑपरेटर प्रतिदिन करीब 250 वाहनों में सीएनजी भर रहे हैं। अभी एक समय में 16 वाहनों एक साथ में सीएनजी भरने की क्षमता है। मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि सीएनजी पंप ऑपरेटर अपनी क्षमता बढ़कर एक समय में 16 के स्थान पर 24 वाहनों में सीएनजी भरने के लिए तैयारी करें, जिससे नगर में सीएनजी की आपूर्ति बाधित न हो। उन्होंने इस कार्य में आने वाली अड़चनों को शीघ्र ही बैठक बुलाकर निस्तारित करने के निर्देश दिये। बैठक में आईजी रमित शर्मा, डीएम संजय कुमार, एसएसपी आनंद कुलकर्णी, आरटीओ सगीर अहमद, आरएम रोडवेज डॉ. हरीश चंद्र यादव, टेंपो टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष विनोद चंद्र दुबे, रघुनाथ द्विवेदी समेत अन्य अफसर मौजूद रहे।