ट्रेन की पटरी चटकी होने पर ट्रेन को लाल गमछा दिखाकर किसान ने रोक लिया।
- फोटो : अमर उजाला।
बिना देर दिए वह ट्रेन रोकने के लिए चिल्लाने लगा। उसने अपने सिर पर बंधा लाल गमछा खोला और हाथ में थामे हुए डंडे पर उसे बांध दिया। रेल ट्रैक पर लाल कपड़ा लहराता देख गंगा गोमती का लोको पॉयलट भी भांप गया कि आगे कुछ गड़बड़ है। उसने ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। बताया जा रहा है कि अगर वहां से ट्रेन तेज गति से गुजरती को हादसा हो सकता था।
किसान पप्पू यादव पुत्र मूलचंद्र यादव।
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किसान की इस समझदारी पर यात्रियों ने उसकी सराहना की। मौके पर रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग की टीम पहुंची। इस दौरान ट्रेन वहां तकरीबन 45 मिनट तक खड़ी रही। बाद में कॉशन लगाकर गंगा गोमती को आगे बढ़ाया गया। किसान बब्बू ने बताया कि उसने बचपन में लाल कपड़ा दिखाकर ट्रेन रोके जाने की कहानी पढ़ी थी। आज जब टूटी पटरी देखी तो उसे वहीं कहानी याद आ गई।
रेल ट्रैक पर फ्रैक्चर आना सामान्य प्रक्रिया है। रेलवे की टीम लगातार पटरियों की मॉनिटरिंग करती है। आज लालगोपालगंज के निकट पटरी के क्रैक होने की सूचना मिली, उसे दुरुस्त करवाया जा रहा है। - अश्विनी श्रीवास्तव, एडीआरएम, लखनऊ मंडल