छोटी-बड़ी धाराओं को मिला निकाली जाएगी मुख्य धारा
शास्त्री ब्रिज से संगम नोज के बीच सिर्फ मुख्य धारा निकलेगी। छोटी-छोटी धाराओं को मिलाकर मुख्य धारा निकाली जाएगी। इसके लिए ड्रेजिंग का काम 16 अक्तूबर से शुरू करने की तैयारी है। गंगा और यमुना का संगम स्थल दाहिने किनारे की तरफ करीब 200 से 500 मीटर तक शिफ्ट हो गया है। इसके अलावा कटान की समस्या भी बढ़ गई है। इसकी वजह से कुंभ-2019 की तुलना में महाकुंभ-2025 में सर्कुलेटिंग एरिया में 60 फीसदी तक की कमी हो गई है, जबकि इस बार स्नानार्थियों की संख्या दोगुना होने की उम्मीद है।
इसे देखते हुए अब संगम नोज का सर्कुलेटिंग एरिया बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत गंगा नदी के सभी छोटी-बड़ी धाराओं को मिलाकर एक मुख्य धारा की योजना बनाई गई है।
सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता रमेश कुमार सिंह ने बताया कि इसके लिए शास्त्री ब्रिज से संगम नोज तक ड्रेजिंग कराई जाएगी। संगम नोज तथा आसपास गंगा में कटान रोकने के लिए खास तरह के जियो बैग का इस्तेमाल किया जाएगा।
अधीक्षण अभियंता ने बताया कि अभी कई तरह की स्वीकृतियां शेष हैं। इसकी प्रक्रिया पूरी करने तथा मशीनें मंगाने के बाद 16 अक्तूबर से ड्रेजिंग शुरू करने की तैयारी है। उन्होंने बताया कि गंगा का मुख्य चैनल बनाने में 50 से 60 दिन लगेंगे।