सात छात्रों से 1873 में हुई केपी कॉलेज में शिक्षण की शुरुआत
मुंशी काली प्रसाद कुलभाष्कर के सपनों को साकार करने वाला यह कॉलेज 150 साल पहले 1873 में बहादुरगंज मोहल्ले में सात विद्यार्थियों से शुरू हुआ था। इस कॉलेज के पहले अध्यापक शिवनारायण लाल साहेब थे। वकालत छोड़ मुंशी काली प्रसाद ने लगातार 13 साल तक इस विद्यालय में बच्चों को पढ़ाया। 1888 में कोलकाता विश्वविद्यालय से इस कॉलेज को मान्यता प्राप्त हुई। 1894 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संबद्धता मिली थी। ब्यूरो
इस कॉलेज का प्रोजेक्ट अलंकार के तहत चयन किया गया है। यहां की प्रयोगशालाएं बहुत पुरानी और ऐतिहासिक हैं। इस योजना के तहत प्रयोगशालाओं का जीर्णोद्धार कराया जाएगा। इसके साथ ही शास्त्री भवन और उससे जुड़े मार्ग का कायाकल्प होगा। इस कॉलेज परिवार को अपने इतिहास पर गर्व हैं। यहां से पढ़कर एक से एक विभूतियां निकली हैं। डॉ. योगेंद्र सिंह, प्रधानाचार्य, केपी इंटर कॉलेज।
प्रजोक्ट अलंकार के तहत मिलने वाली एक करोड़ रुपये की धनराशि में 25 प्रतिशत कॉलेज का अंशदान है। पहली किस्त के रूप में 40 लाख रुपये जल्द ही जारी हो जाएंगे, ताकि काम शुरू कराया जा सके। डीआईओएस पीएन सिंह के साथ ज्वाइंट खाता भी खोलवा दिया गया है। - डॉ. सुशील कुमार सिन्हा, अध्यक्ष- केपी ट्रस्ट।