मसीही समाज के लोग रविवार को गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना के बाद कैंडल लाइट सर्विस की शुरुआत करेंगे। इसके बाद कैंडल के साथ परिक्रमा भी की जाएगी। बाइबिल सोसाइटी ऑफ इंडिया के निदेशक पादरी चितरंजन पॉल्सन के नेतृत्व में इस आशा की ज्योति को जलाने के लिए जोरशोर से तैयारियां की गई हैं। इसमें सभी गिरजाघारों के लोग हिस्सा लेंगे।
साथ ही घर-घर से लोग कैंडल लाइट सर्विस में सहभागिता करेंगे। इस दौरान प्रभु यीशु की संगीतमय आराधना की जाएगी। इस दौरान पत्थर गिरजाघर, सेंट पीटर्स चर्च, होली ट्रिनिटी चर्च के अलावा बाइबिल सोसाइटी, जमुना चर्च को रंग-बिरंगी झालरों और फूलों से सजाया जाएगा। मसीही समुदाय के लोग ‘आया है यीशु आया है, मुकतले साथ लाया है..., मेरा प्रभु जन्मा प्यारा प्रभु जन्मा... जैसे गीत गाएंगे।
कैरल सिंगिंग में बाइबल सेमिनरी अव्वल, सैम हिंगिंगबॉटम यूनिवर्सिटी दूसरे स्थान पर
प्रयागराज। पत्थर गिरजाघर चर्च में आयोजित कैरल सिंगिंग प्रतियोगिता में शनिवार की रात बाइबल सेमेनरी की टीम ने हिंदी और अंग्रेजी दोनों वर्गों में प्रथम स्थान हासिल किया। इसी तरह सैम हिंगिंग बॉटम यूनिर्सिटी को द्वितीय और दी लेप्रोसी मिशन नैनी को तृतीय स्थान मिला। निर्णायक मंडल में डेविड ल्यूक, डॉ. विनीता ईशुबियस, कमला सिंह और डीएम डेविड शामिल थे।
अंधकार में जीवन जीने वालों को प्रकाश में ले जाने के लिए प्रभु यीशु ख्रीस्त ज्योति के रूप में धरा पर आए थे। उनके आगमन से दुखियारों के कष्टों का निवारण तो होता ही है, सुख, शांति और उत्तम स्वास्थ्य की भी प्राप्ति होती है। प्रभु यीशु मसीह ने कहा है कि जगत की ज्योति मैं हूं जो कोई मेरे साथ चलता है, वह अंधकार में नहीं रहेगा। ऐसे में पत्थर गिरजाघर चर्च से कैरल सिंगिग के जरिए प्रभु यीशु के आगमन का आह्वान किया गया। - प्रवीण मैसी, उपाध्यक्ष, लखनऊ डायोसिस।