मूल्यांकन प्रणाली में बदलाव के कारण प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय के संघटक कॉलेजों में बीएड तृतीय सेमेस्टर के छात्रों के नंबर घटने के मामले में विश्वविद्यालय की परीक्षा समिति 15 दिनों में निर्णय लेगी। सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र दोबारा विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे और धरना-प्रदर्शन किया। जिला एवं पुलिस प्रशासन के अफसरों की मौजूदगी में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्रों को आश्वासन दिया गया कि 31 अगस्त तक मामले में लेकर उन्हें अवगत करा दिया जाएगा।
कोविड के कारण मूल्यांकन प्रणाली में बदलाव से इस बार बीएड तृतीय सेमेस्टर के छात्रों को प्रायोगिक परीक्षा में काफी अंक मिले हैं। इस मसले पर छात्रों ने 13 अगस्त को राज्य विश्वविद्यालय के एमजी रोड स्थित सीपीआई कैंपस में दिनभर धरना-प्रदर्शन किया था और अगले ही दिन पुलिस ने महामारी ऐक्ट में कई अज्ञात छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। कुलपति से वार्ता के दौरान आश्वासन मिला था कि जो छात्र अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, वे रिव्यू के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि छात्र इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए और सोमवार को धरना-प्रदर्शन करने कैंपस में दोबारा पहुंच गए। छात्रों ने वहां दो घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। उनकी मांग थी कि प्रायोगिक परीक्षा निरस्त की जाए और पुरानी मूल्यांकन प्रणाली लागू जाए।
छात्र कैंपस से हटने को तैयार नहीं थे। मौके पर पहुंचे जिला प्रशासन और पुलिस के अफसरों ने छात्रों एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच वार्ता कराई। रजिस्ट्रार शैलेश कुमार शुक्ला, परीक्षा नियंत्रक कुलदीप सिंह, डीएसडब्ल्यू प्रो. विवेक सिंह और चीफ प्रॉक्टर एवं पीआरओ डॉ. अविनाश कुमार श्रीवास्तव की उपस्थिति में हुई वार्ता में तय हुआ कि विश्वविद्यालय की परीक्षा समिति ही इस मामले में निर्णय ले सकती है। परीक्षा समिति 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। पीआरओ डॉ. अविनाश ने बताया कि कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर विधि सम्मत निर्णय लिया जाएगा। छात्रों से यह भी कहा गया है कि वे रिव्यू के लिए आवेदन दे सकते हैं।