नौकरी की मांग कर रहे बीएड अभ्यर्थियों पर 29 मई को लखनऊ में हुए लाठीचार्ज के खिलाफ युवा मंच के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। साथ ही राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। राज्यपाल से प्रदेश में शांतिपूर्ण आंदोलनों के दमन पर रोक लगाने, 10 लाख खाली पदों को भरने के चुनावी वादे पर अमल करने के लिए प्रदेश सरकार को निर्देशित करने की अपील की गई है।
युवा मंच के संयोजक राजेश सचान ने मौजूदा तनावपूर्ण हालात के लिए योगी सरकार को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि बीएड-टेट 2011 के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद अगर सरकार चाहती तो इन युवाओं को नियुक्ति दे सकती थी। प्रदर्शन के दौरान कहा गया कि रोजगार संकट विस्फोटक होता जा रहा है। अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि पुलिसिया कार्रवाई ने अंग्रेजी हुकूमत की याद ताजा कर दी है। कहा कि एक तरफ बीएड अभ्यर्थियों से हर हाल में नौकरी देने का वादा किया, वहीं दूसरी तरफ सरकार बनने के बाद प्राथमिक विद्यालयों में सर्वे कराकर 68 हजार शिक्षकों सरप्लस बता दिया गया।
बीएड उत्थान जन मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष संगीता पाल ने कहा सरकारी विभागों में लाखों पद खाली हैं। अकेले शिक्षा महकमे में ही चार लाख से ज्यादा पद रिक्त पड़े हैं, लेकिन सरकार रोजगार देने से भाग रही है। सुभाष पटेल ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त है और रोजगार की मांग करने पर युवाओं को जेल भेजा जा रहा है। इस मौके पर भीम सिंह चंदेल, रत्नेश कुमार, गोविंद निषाद, राजेश शर्मा, बृजेश कुमार, राजेश सचान, अभिषेक श्रीवास्तव, अजय यादव, सुरेंद्र पांडेय आदि मौजूद रहे।
लखनऊ में बीएड-टीईटी अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज के खिलाफ ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने बुधवार को छात्रसंघ भवन पर प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। प्रदेश सचिव सुनील मौर्य ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार बेरोजगार युवाओं की उपेक्षा कर रही है। आइसा ने आंदोलन को समर्थन देने के साथ आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
आइसा के इकाई सचिव शहवाज मालिक ने कहा कि भाजपा सरकार की संवेदना खत्म हो चुकी है। और देश में हक की मांग करने पर लाठी-गोली मिल रही है। प्रदर्शन में सुभाष कुशवाहा, शक्ति रजवार, राहुल गुप्ता, रणविजय विद्रोही, मंजीत, अजय, अंकित, मुकेश व अन्य छात्र उपस्थित रहे।