गंगा स्नान केलिए यदि आप संगम घाट पर परिवार समेत जा रहे हैं तो जरा सतर्क रहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि वहां कुछ अराजक तत्व स्नान करते व कपड़े बदलते वक्त महिलाओं के वीडियो बनाने में लगे रहते हैं। शर्मनाक यह है कि शिकायत पर कार्रवाई की जगह पुलिस मामला दबाने में लगी रहती है। कुछ इसी तरह की घटना एक परिवार की बच्चियों के साथ हुई, जिसमें पीड़ित परिवार को करीब आठ घंटे तक टरकाने के बाद अफसरों के दखल पर रिपोर्ट दर्ज की गई।
शहर से शनिवार को संगम स्नान को गए एक परिवार की कुछ बच्चियां गंगा स्नान के बाद कपड़े बदल रही थीं तभी एक व्यक्ति ने मोबाइल से वीडियो बना लिया। नजर पड़ने पर परिजनों ने उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। लेकिन कुछ देर बाद वह गायब हो गया। आरोप है कि पीड़ित परिवार शिकायत लेकर संगम चौकी पहुंचा तो कार्रवाई की बजाय चौकी प्रभारी समझौता कराने में जुट गए।
पीड़ित नहीं माना तो उसकी ओर से दी गई तहरीर ही बदलवा दी। साथ ही उसे बाद में आने को कहकर लौटा दिया। रात नौ बजे के करीब पीड़ित दोबारा पहुंचा तो वीआईपी ड्यूटी में होने की बात कहकर सुबह आने को कहा। इसके बाद मामले की शिकायत मिलने पर एसपी सिटी ने फटकार लगाई तब जाकर रात 10 बजे एफआईआर दर्ज की गई।
आननफानन किया गया गिरफ्तार
अफसरों की फटकार का ही नतीजा था कि सुबह आरोपी नमित सिन्हा निवासी मम्फोर्डगंज को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक वह खुद को अधिवक्ता बताता रहा। हालांकि सात साल से कम की सजा होने के चलते उसे थाने से ही छोड़ दिया गया। एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि स्नान घाटों पर किसी तरह की वीडियोग्राफी प्रतिबंधित है। घाट पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। कोई भी इस नियम का उल्लंघन करता मिला तो उसकेखिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बेखौफ हैं अराजकतत्व
संगम घाट पर अराजक तत्व बेखौफ होकर घूम रहे हैं। स्नानार्थियों केसामान चोरी होने की घटनाएं यहां लगातार होती रहती हैं। इसके अलावा इन दिनों महिला श्रद्धालुओं के वीडियो बनाने वाले अराजक तत्व भी सक्रिय हो गए हैं। वह घाट के इर्द-गिर्द मौजूद रहते हैं। पकड़े जाने पर लड़ने पर उतारू हो जाते हैं।