इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अलीगढ़ स्थित बारहसेनी कॉलेज सोसाइटी से जुड़े मामले में राज्य सरकार की ओर से की जाने वाली जांच को मंजूरी दे दी है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री के निर्देशों के अनुपालन में यदि कॉलेज के प्रबंधन समिति के कामकाज की जांच की जाती है, तो इसमें कोई कानूनी अवैधता नहीं है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की पीठ ने दिया है।
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कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को जांच अधिकारी नियुक्त करने और पूरी प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखने की स्वतंत्रता दी है। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि जांच की प्रक्रिया के दौरान दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाना चाहिए। यदि प्रबंधन के विरुद्ध पहले से कोई एकतरफा आदेश पारित किया जा चुका है तो उसकी प्रति तत्काल याचिकाकर्ता को उपलब्ध कराई जाए। इससे याचिकाकर्ता को यह अवसर मिलेगा कि वह उस आदेश के विरुद्ध कानून सम्मत कानूनी विकल्पों का सहारा ले सके। इस के साथ ही कोर्ट ने याचिका का निस्तारण कर दिया।