जेल के दो वार्डर भी गैंग के सदस्य
अशरफ करीब तीन साल तक बरेली जिला जेल में रहा। इस दौरान सद्दाम भी शहर की खुशबू एन्क्लेव कॉलोनी में किराये का घर लेकर रहा था। लल्ला गद्दी के जरिये उसने जेल के अफसरों व वार्डर शिवहरि अवस्थी और मनोज गौड़ से दोस्ती गांठी थी। सद्दाम के गिरोह में ये दोनों वार्डर सदस्य के तौर पर शामिल हैं। उमेशपाल हत्याकांड से पहले शूटरों ने बरेली जेल में आकर अशरफ से मुलाकात की थी। पुलिस गिरोह के सभी सदस्यों की संपत्तियां खंगालेगी और काली कमाई से इन्हें बनाने की पुष्टि हुई तो प्रशासन की मदद से जब्तीकरण किया जाएगा।
दुबई में किया था निवेश
सद्दाम के जरिये अशरफ और अतीक ने दुबई में निवेश किया था। विदेश में स्थित संपत्तियों का ब्योरा भी जुटाया जा रहा है। सद्दाम के खिलाफ प्रयागराज में भी जमीन कब्जाने के मुकदमे दर्ज हुए थे। बताया जा रहा है कि सद्दाम ने वहां भी वसूली कर कई लग्जरी कारें और प्रॉपर्टी खरीदी थीं। पुलिस अब सद्दाम के नाम पर संपत्तियों का पता लगाकर उसे जब्त करेगी। एसटीएफ बरेली ने उसे दिल्ली में प्रेमिका के घर से गिरफ्तार किया था। प्रयागराज में हुए उमेश पाल हत्याकांड में माफिया अतीक अहमद और अशरफ का नाम मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर सामने आया था। साजिश में अशरफ का साला सद्दाम उर्फ अब्दुल समद भी शामिल रहा था।