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बैंकों हड़ताल : तीन सौ करोड़ का कारोबार ठप

Wed, 01 Mar 2017 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर मंगलवार को देश व्यापी हड़ताल के दौरान जिले के सभी बैंकों में कामकाज ठप रहा। हड़ताल से करीब 300 करोड़ के कारोबार पर असर पड़ा है। 105 करोड़ के चेक क्लियरेंस में फंस गए तो करीब 50 करोड़ का नकद लेन-देन नहीं हो सका। शाम होते-होते कई एटीएम भी जवाब देने लगे और पैसे निकालने के लिए लोग परेशान हुए। हड़ताल के दौरान हुए विरोध-प्रदर्शन में बैंक कर्मचारियों ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां श्रम विरोधी हैं। जन विरोधी आर्थिक सुधारों और बैंकों के स्थायी कार्यों की आउट सोर्सिंग कराने के विरोध में यह हड़ताल रखी गई है। हड़ताल में निजी बैंक, सहकारी बैंक एवं ग्रामीण बैंक शामिल रहीं रहे।
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हड़ताल में बैंकों की सभी नौ यूनियन की भागीदारी रही। सभी बैंकों में तालाबंदी के साथ कर्मचारी-अधिकारी संगम प्लेस स्थित पंजाब नेशनल बैंक की  मुख्य शाखा पर एकत्र हुए और केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध करने के साथ प्रदर्शन किया। युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के संयोजक शशिकांत श्रीवास्तव ने कहा कि वर्तमान सरकार श्रमिक विरोधी है। बैंकिंग सुधारों के नाम पर सरकार बैंकों के विलय और निजीकरण के अपने प्रयासों को सफल करना चाहती है, इसका हम विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ट्रेड यूनियनों के अधिकार पर हमला कर रही है। यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष एवं इलाहाबाद बैंक स्टॉफ यूनियन के सहायक मंत्री मदन जी उपाध्याय ने कहा कि आने वाला समय बैंकिंग उद्योग के लिए चुनौतियों वाला है और हमें अपने सार्वजनिक उपक्रम के स्वरूप को बचाए रखने के लिए आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार रहना होगा।

पीएनबी अधिकारी संघ के मंडल अध्यक्ष अश्वनी तिवारी ने कहा कि वेतन वृद्धि के सवाल पर सरकार बैंकों की लाभप्रदता का सवाल करती है जबकि इसका कारण सरकार की सोशल बैंकिंग की गलत नीतियां हैं, जिसका खामियाजा बैंकों को उठाना पड़ता है। सेंट्रल बैंक अधिकारी संगठन के सहायक महामंत्री राजेश तिवारी ने बताया कि बैंकों को आर्थिक सुधारों के नाम पर निजीकरण की ओर धकेला जा रहा है। प्रदर्शन मे एसपी शर्मा, बीके मिश्र, राम सागर,एसपी दीक्षित, एसबी दुबे, डीबी सिंह, एसबी राय, कल्याण सेन सहित बड़ी संख्या में बैंक कर्मियों ने संबोधित किया। प्रदर्शन में महिला कर्मचारियों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।
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बैंकों की अखिल भारतीय हड़ताल में इलाहाबाद बैंक मुख्य शाखा पर इलाहाबाद बैंक स्टॉफ एसोसिएशन इलाहाबाद इकाई के अध्यक्ष संजय अग्रवाल के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में इलाहाबाद की सभी शाखाओं के कर्मचारी मौजूद रहे। प्रदर्शन का संचालन ऑल इंडिया इलाहाबाद बैंक इंप्लाइज कोआर्डिनेशन कमेटी के सहायक महामंत्री मदन जी उपाध्याय ने सरकार की बैंकिंग विरोधी नीतियों की निंदा की। उन्होंने बैंकों के निजीकरण के प्रस्ताव का विरोध किया।

प्रदर्शन में धर्मेंद्र पांडेय, सुलभ टंडन, एएन पांडेय, सतीश केसरवानी, संतोष मेहरोत्रा, बद्री प्रसाद मिश्र, एके त्यागी, सीबी ओझा, रमा खन्ना सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी-अधिकारी शामिल हुए। इलाहाबाद बैंक ऑफिसर्स फेडरेशन से जुड़े सभी अधिकारी पूरी तरह से हड़ताल पर रहे। इलाहाबाद बैंक मुख्य शाखा परिसर में हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अधिकारी शामिल हुए। सभा में मंडलीय सचिव डीबी सिंह, प्रांतीय उपाध्यक्ष ललित कुमार, सुधीर गौण, मनोज राज, दीपक वर्मा शामिल रहे।

युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर एसबीआई की सभी शाखाओं के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने हड़ताल में भाग लिया। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया आफिसर्स एसोसिएशन के सभी अधिकारियों ने मुख्य शाखा परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में अध्यक्ष सुशील दुबे, सहायक महामंत्री आरके सिन्हा, आरआर पांडेय, अनूप टिग्गा, विमल शुक्ल, निरंजन दिवाकर, सुशील श्रीवास्तव शामिल रहे।

बैंकों की हड़ताल में बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) मुख्य शाखा पर जिले के सभी शाखाओं के कर्मचारी-अधिकारी एकत्र हुए। कर्मचारियों ने सरकार की बैंकिंग नीतियों के  विरोध में प्रदर्शन किया। इस मौके पर एके पुरवार, सुनील कुमार सिंह, मनोज कुमार, प्रफुल्ल गुप्ता, कुंवर तेज प्रताप, सुंदर लाल, नरेश निषाद, एके मिश्र, अशोक कनौजिया, एसके पांडेय शामिल हुए।

युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर युनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया में भी हड़ताल पूरी तरह से सफल रही। यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के सहायक महामंत्री एसपी शर्मा ने कहा कि सरकार की जन विरोधी नीतियों के विरोध के खिलाफ हम लगातार आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने पांच दिवसीय बैंकिंग को तुरंत लागू करने की मांग की। हड़ताल में कमलापति, आशुतोष, अनिल बारी, मीता गर्ग, दीपक मिश्र शामिल रहे।
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