न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने गाजियाबाद में जेल वार्डर पद पर तैनात जुल्फिकार अली की याचिका पर यह आदेश दिया। मेरठ जेल में याची जुल्फिकार अली जेल वार्डर के पद पर कार्यरत थे। इसी दौरान कैदी सोमेंद्र की मौत हो गई।
हाईकोर्ट ने जेल में कैदी की मौत के मुआवजे के तौर पर मानवाधिकार आयोग की संस्तुति पर जेल वार्डर से डेढ़ लाख रुपये की वसूली आदेश पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही राज्य सरकार व अन्य से तीन हफ्ते में जवाब मांगा है। याचिका की अगली सुनवाई 21 नवंबर को होगी।
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न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने गाजियाबाद में जेल वार्डर पद पर तैनात जुल्फिकार अली की याचिका पर यह आदेश दिया। मेरठ जेल में याची जुल्फिकार अली जेल वार्डर के पद पर कार्यरत थे। इसी दौरान कैदी सोमेंद्र की मौत हो गई। मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली ने मृतक कैदी के बच्चों को तीन लाख रुपये मुआवजा देने की संस्तुति राज्य सरकार से की। इस पर राज्य सरकार ने डेढ़ लाख याची से वसूलने का आदेश दिया। इसके अनुपालन में जेल अधीक्षक मेरठ ने आदेश जारी किया, जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी। गई।
याची के वकील धनंजय कुमार मिश्र ने दलील दी कि आदेश जारी करने से पहले याची का पक्ष नहीं सुना गया। इस पर न्यायालय ने नोटिस जारी कर विपक्षियों से जवाब मांगा है और याची से वसूली आदेश पर रोक लगा दी है।