फर्जी प्रमाणपत्र पर नौकरी करने के आरोपी कांस्टेबल की गिरफ्तारी पर रोक
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मऊ निवासी पीएसी जवान संजय यादव की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है और विवेचना में सहयोग करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। याची पर धोखाधड़ी और कूटरचना कर फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर 2015 में नियुक्ति पाने का आरोप है।
यह आदेश न्यायमूर्ति विपिन सिन्हा ने संजय यादव की जमानत अर्जी पर दिया है। अर्जी पर अधिवक्ता निर्विकल्प पांडेय ने बहस की। इनका कहना है कि गांव की अदावत के चलते उसके खिलाफ झूठी शिकायत की गई है। फर्जी फं साया गया है। कोर्ट ने राज्य सरकार से यह बताने को कहा है कि क्या याची विवेचना में सहयोग नहीं कर रहा, यदि नहीं तो किस तरह का असहयोग है। विवेचना की स्थिति क्या है और पूछताछ के लिए पुलिस अभिरक्षा में लिए जाना क्यों जरूरी है। अर्जी की सुनवाई 25 नवंबर को होगी।