मामला संतकबीर नगर के थाना क्षेत्र खलीलाबाद का है। 21 अप्रैल को भाजपा प्रत्याशी अपने बेटे प्रवीण निषाद के संसदीय क्षेत्र में आयोजित एक शादी समारोह में दो पक्षों के बीच धक्कामुक्की में मंत्री संजय निषाद जख्मी हो गए थे। इलाज के बाद मंत्री ने धरना भी दिया था। इसके बाद पुलिस ने आठ पर जानलेवा हमले की एफआईआर दर्ज की थी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सूबे के मत्स्य मंत्री व निषाद पार्टी के मुखिया संजय निषाद पर संत कबीर नगर में हुए हमले में शामिल आरोपी सिपाही की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने सरकार से दो हफ्ते में जवाब तलब किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता, न्यायमूर्ति शिव शंकर प्रसाद की खंडपीठ ने आरोपी सिपाही अभिषेक यादव की ओर से गिरफ्तारी पर रोक और एफआईआर को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
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मामला संतकबीर नगर के थाना क्षेत्र खलीलाबाद का है। 21 अप्रैल को भाजपा प्रत्याशी अपने बेटे प्रवीण निषाद के संसदीय क्षेत्र में आयोजित एक शादी समारोह में दो पक्षों के बीच धक्कामुक्की में मंत्री संजय निषाद जख्मी हो गए थे। इलाज के बाद मंत्री ने धरना भी दिया था। इसके बाद पुलिस ने आठ पर जानलेवा हमले की एफआईआर दर्ज की थी। इसमें सिपाही का नाम भी शामिल किया गया था।
सिपाही अभिषेक यादव ने दर्ज एफआईआर को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याची के अधिवक्ता राकेश यादव का कहना है कि याची कानून पसंद व्यक्ति है। वह खुद सिपाही के पद पर कार्यरत है। राजनीतिक दुर्भावना के चलते उसे मामले में फंसाया गया है। वह इस घटना में शामिल नहीं था। कोर्ट ने सिपाही की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए दो हफ्ते में सरकार से जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी।