इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 400 करोड़ की ठगी मामले के आरोपी अभिषेक द्विवेदी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति जय प्रकाश तिवारी की एकल पीठ ने कहा कि मामले में काफी निवेशकों के प्रभावित होने और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जमानत देना उचित नहीं है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 400 करोड़ की ठगी मामले के आरोपी अभिषेक द्विवेदी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति जय प्रकाश तिवारी की एकल पीठ ने कहा कि मामले में काफी निवेशकों के प्रभावित होने और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जमानत देना उचित नहीं है।
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मामला शिवकुटी थाना क्षेत्र का है। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, धमकी सहित विभिन्न आरोपों में प्राथमिकी दर्ज है। उसने जमानत के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दायर की। आरोपी की ओर से दलील दी गई कि वह निहारिका वेंचर्स एंड डेवलपर्स का मालिक है और उस पर लगाए गए आरोप बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए हैं। एफआईआर में करीब 400 करोड़ रुपये जुटाने का आरोप है जबकि जांच में रकम लगभग 40 से 50 करोड़ रुपये बताई गई है। आरोपी निवेशकों को भुगतान करता रहा है। भुगतान में देरी बाजार की प्रतिकूल परिस्थितियों और आर्थिक कठिनाइयों के कारण हुई।
वहीं, राज्य सरकार और शिकायतकर्ता की ओर से जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि आरोपी ने बड़ी संख्या में निवेशकों को झूठे आश्वासन देकर भारी रकम जुटाई और बाद में वादे पूरे नहीं किए। जमानत न देने की मांग की गई। हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी पर कई निवेशकों से प्लॉट या रिटर्न देने के आश्वासन पर बड़ी रकम जुटाने और वादे पूरे न करने के आरोप हैं। अदालत ने गवाहों को प्रभावित करने और न्यायिक प्रक्रिया में बाधा की आशंका को देखते हुए जमानत देने से इन्कार कर दिया।