अप्रैल 2023 में खुल्दाबाद निवासी कारोबारी मो.मुस्लिम ने अतीक के बेटे अली अहमद, उमर, गनर असद कालिया, ऐस्तेशाम करीम, अजय खुराना और मो.नसरत के खिलाफ जबरन जमीन कब्जा करने, पांच करोड़ की रंगदारी वसूलने के लिए अपहरण और मारपीट करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई थी।
जिला जज संतोष राय की अदालत ने अतीक के गुर्गे अजय खुराना की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। अजय खुराना पर अतीक के बेटों के साथ मिलकर जमीन कारोबारी का अपहरण कर पांच करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप है।
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अप्रैल 2023 में खुल्दाबाद निवासी कारोबारी मो.मुस्लिम ने अतीक के बेटे अली अहमद, उमर, गनर असद कालिया, ऐस्तेशाम करीम, अजय खुराना और मो.नसरत के खिलाफ जबरन जमीन कब्जा करने, पांच करोड़ की रंगदारी वसूलने के लिए अपहरण और मारपीट करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई थी।
आरोप लगाया था कि देवघाट स्थित जमीन को अतीक के बेटे अली व उमर के नाम करने का दबाव बनाने के लिए आरोपियों ने उसे गाड़ी में घसीट लिया। उसके बाद अतीक के कार्यालय के ऊपर बने कमरे में बंधक बनाकर मारा-पीटा तो उसने रंगदारी के रूप में एक करोड़ बीस लाख दे भी दिए थे। अतीक, अशरफ के परिवार के आतंक से भयभीत से वह प्रयागराज से लखनऊ पलायन कर गया था। इसके बावजूद असद और उसके गुर्गे फोन पर परिवार को जान से मारने की धमकी देते थे।
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मामले के अभियुक्त अतीक के गुर्गे अजय खुराना ने जिला जज की अदालत मेें जमानत अर्जी दाखिल की थी। वकील ने दलील दी कि अजय का नाम झूठा फंसाया गया है। वहीं, जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरि ने कहा कि एफआईआर में लगाए गए आरोप में मृत्युदंड का प्रावधान है। आरोपों की गंभीरता के मद्देनजर जिला जज की अदालत ने अजय खुराना की जमानत अर्जी खारिज कर दी।