इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से 11 फरवरी को हुई आरओ / एआरओ परीक्षा के पेपर लीक मामले में बिशप जॉनसन गर्ल्स स्कूल एंड कॉलेज की पूर्व प्रधानाचार्य पारुल सोलोमन की जमानत मंजूर कर ली है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से 11 फरवरी को हुई आरओ / एआरओ परीक्षा के पेपर लीक मामले में बिशप जॉनसन गर्ल्स स्कूल एंड कॉलेज की पूर्व प्रधानाचार्य पारुल सोलोमन की जमानत मंजूर कर ली है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति संजय कुमार पचौरी की अदालत ने दिया है। पारुल सोलोमन को एसटीएफ ने पेपर लीक मामले में गिरफ़्तार कर 26 सितंबर को जेल भेजा था। पेपर लीक मामले में इनका नाम स्कूल के एक शिक्षक के बयान के आधार पर प्रकाश में आया था। स्कूल से पेपर लीक करने के मुख्य आरोपी संविदाकर्मी अर्पित विनीत यशवंत की नियुक्ति पारुल ने ही की थी। इसी आधार पर पाया गया कि विनीत ने तत्कालीन प्रधानाचार्य पारुल सोलोमन के सहयोग से ही पेपर लीक किया था।
इस मामले में अब तक मास्टर माइंड राजीव नयन मिश्रा समेत 16 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। आरओ/एआरओ की लिखित परीक्षा 11 फरवरी को आयोजित गई थी। लेकिन, प्रश्नपत्र लीक होने के कारण परीक्षा निरस्त कर दी गई थी।
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पारुल के वकील बोले...प्रबंधकीय विवाद में झूठा फंसाया गया
जमानत याचिका पर बहस करते हुए पारुल सोलोमन के अधिवक्ता ने दलील दी कि वह निर्दोष हैं। उन्हें प्रबंधकीय विवाद के कारण मामले में झूठा फंसाया गया है। पूरे प्रकरण में उनके खिलाफ कोई भी ठोस सबूत नहीं है।