याची के खिलाफ चचेरी बहन ने रेप के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। याची 10 सितंबर 2022 से जेल में बंद हैं। आरोप है कि वह उसके संपर्क में था। उसने शादी से मना कर दिया तो उसने प्राथमिकी दर्ज करा दी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रामपुर के स्वार थाने में दर्ज प्राथमिकी में रेप के आरोपी की जमानत मंजूर कर ली। कोर्ट ने कहा. आरोपी को निजी मुचलके और दो प्रतिभूतियों के साथ बरी किया जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी ने सलाउद्दीन की जमानत अर्जी को स्वीकार करते हुए दिया है।
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याची के खिलाफ चचेरी बहन ने रेप के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। याची 10 सितंबर 2022 से जेल में बंद हैं। आरोप है कि वह उसके संपर्क में था। उसने शादी से मना कर दिया तो उसने प्राथमिकी दर्ज करा दी। याची की ओर से कहा गया कि इसकी कोई मेडिकल रिपोर्ट नहीं है। साथ ही मेडिकल जांच कराने से भी इन्कार कर दिया। कोर्ट ने इन तथ्यों के मद्देनजर याची की जमानत अर्जी मंजूर करते हुए उसे रिहा करने का आदेश दिया।