पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल की सख्ती का मातहतों पर कोई असर नहीं है। बाघराय पुलिस का अमानवीय चेहरा एक बार फिर खाकी की किरकिरी करा रहा है। उत्पीड़न के खिलाफ न्यायालय से इंसाफ मांगने वाले युवक को बाघराय पुलिस ने खंभे से बांधकर पीटा। इसके बाद उसका शांतिभंग में चालान कर दिया।
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बाघराय थाना क्षेत्र के त्रिलोकपुर निवासी अनिल कुमार सरोज ने पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती पत्र में बाघराय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अनिल के अनुसार, उसके भाई मोनू की गत दिनों पुलिस ने पिटाई कर दी थी। उसका पैर टूट गया था। इसके खिलाफ उसने न्यायालय में परिवाद दाखिल किया है। जिसकी तारीख 2 सितंबर को है। उसका आरोप है कि 16 अगस्त को बाघराय पुलिस ने उसके घर दबिश दी।
महिला आरक्षी ने उसकी मां को पीटा। उसे पुलिसकर्मी जबरदस्ती पकड़कर थाने ले आए। न्यायालय में दायर परिवाद में सुलह का दबाव बनाने लगे। विरोध करने पर उसे बिजली के पोल से बांधकर बुरी तरह पीटा। जिससे वह चलने फिरने में असमर्थ है। पुलिस अधिकारियों से शिकायत के बाद बुधवार को उसका शांतिभंग में चालान कर दिया। बृहस्पतिवार को परिवार के लोगों की मदद से उसने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर गुहार लगाई। एएसपी पश्चिमी ने जांच कराकर कार्रवाई का भरोसा दिया।