बुधवार को प्रशासन ने झूंसी के कछारी इलाके में आवागमन के लिए तीन बड़ी और दो छोटी नावें चलवाई थीं। जलस्तर बढ़ने के कारण दो माह में तीसरी बार बुधवार की सुबह से बदरा गांव की बिजली आपूर्ति ठप कर दी गई। इससे तकरीबन 800 घरों में शाम होते ही अंधेरा पसर गया। हालत यह रही कि बिजली आपूर्ति की कोई दूसरी व्यवस्था न किए जाने से ग्रामीणों को मोमबत्ती और ढेबरी के सहारे घर में उजाला करना पड़ा। अभी कितने दिन उन्हें बगैर बिजली के गुजारनी होगी, यह सोच-सोच कर प्रभावित ग्रामीण परेशान हैं।
बिजली गुल होने से गांव में जलापूर्ति भी ठप पड़ गई है। इससे प्रभावित परिवारों में हाहाकार मचा रहा। बदरा गांव चारों-तरफ से टापू में तब्दील हो गया है। इसके साथ ही ढोलबजवा, बहादुरपुर, गंजिया, हेतापट्टी, इब्राहिमपुर, खजुरी, मदारपुर, पैगंबरपुर, फैज्जुलापुर, सकरा, इब्राहिमपुर समेत तकरीबन डेढ़ दर्जन से ज्यादा गांव में भी आवागमन प्रभावित हैं। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है। शाम सात बजे तक नाव चलाने के निर्देश दिए गए हैं।