हत्या, रंगदारी, लूट और डकैती जैसे संगीन अपराधों में वांछित दो लाख रुपये का इनामी शूटर भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू सोमवार रात अयोध्या में प्रयागराज एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारा गया। मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से करीब 18 राउंड फायरिंग हुई। अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला।
गोरखपुर के बेलघाट थाने के बिधनापार गांव निवासी भानु प्रताप सिंह के खिलाफ 41 मुकदमे दर्ज थे। उस पर आजमगढ़ से एक लाख, अंबेडकरनगर से 50 हजार और गोरखपुर से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। एसटीएफ को सूचना मिली थी कि बबलू साथियों संग अयोध्या में बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में है। इंस्पेक्टर जय प्रकाश राय के नेतृत्व में टीम अयोध्या पहुंची और महाराजगंज क्षेत्र के एमी घाट तिराहा के पास घेराबंदी कर चेकिंग शुरू की।
रात 11 बजे बाइक से आ रहे दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखकर दोनों जंगल की ओर भागने लगे। पीछा करने पर बदमाशों ने एसटीएफ टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों ओर से कई राउंड गोलियां चलीं। भागने के दौरान बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। इसके बाद भी बदमाश फायरिंग करते हुए जंगल में भागने लगे।
मुठभेड़ में गोली लगने से बबलू घायल होकर गिर पड़ा, जबकि साथी मौके से भाग निकला। एसटीएफ टीम ने घायल बदमाश को पहले सीएचसी और फिर अयोध्या के राजर्षि दशरथ स्वायत्त राज्य चिकित्सा महाविद्यालय भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
बुलेटप्रूफ जैकेट से बाल-बाल बचे इंस्पेक्टर
मुठभेड़ के दौरान दो गोलियां एसटीएफ इंस्पेक्टर जय प्रकाश राय की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगीं। जैकेट के कारण वह बच गए। टीम में शामिल दरोगा रणेंद्र कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल विकास तिवारी, अजय कुमार यादव, प्रभंजन पांडेय और अजय सिंह यादव भी बाल-बाल बच गए।
स्टेनगन निकालने की कोशिश में घायल
एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक घिरने के बाद बबलू बैग से स्टेनगन निकालने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान बाइक फिसल गई। यदि वह स्टेनगन से फायरिंग कर देता तो बड़ा नुकसान हो सकता था।
यह सामान हुआ बरामद
-एक पिस्टल और मैगजीन
-दो कारतूस (.32 बोर)
-तीन खोखा कारतूस (.32 बोर)
-एक स्टेनगन व मैगजीन
-सात जिंदा कारतूस (9 एमएम)
-पांच खोखा कारतूस (9 एमएम)
-एक बैग और एक बाइक