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Prayagraj News: पूर्व जिला पंचायत सदस्य की हत्या के मुख्य आरोपी ने किया सरेंडर, वकील की पोशाक में पहुंचा कचहरी

Wed, 10 Sep 2025 04:29 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

Prayagraj News Today : जनपद के चर्चित पूर्व जिला पंचायत सदस्य रणधीर यादव हत्या के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी उदय यादव ने बुधवार को कोर्ट में समर्पण कर दिया। आरोपी वकील की पोशाक में कचहरी पहुंच गया और पुलिस हाथ मलती रह गई। 22 अगस्त से पुलिस उसकी खोजबीन में दर-दर भटक रही थी। 
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रणधीर यादव, पूर्व जिला पंचायत सदस्य। - फोटो : संवाद।
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विस्तार
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जिला पंचायत सदस्य रणधीर सिंह के हत्या के मुख्य आरोपी  उदय यादव ने बुधवार को कोर्ट में किया आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी उदय यादव ने वकील की ड्रेस में कचहरी पहुंचकर सरेंडर कर दिया। 22 अगस्त से पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी। बताया जा रहा है कि उदय के भाई विजय यादव ने भी आत्मसर्मपण कर दिया है।

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ऐसे दिया वारदात को अंजाम

पुलिस के अनुसार 22 अगस्त की रात योजनाबद्ध तरीके से रणधीर को उनकी स्कार्पियो गाड़ी के साथ रामसिंह ने बुलाकर शराब पिलाता रहा। बाद में एक होटल से खाना भी मंगाया। उसके बाद उसे लेकर वह लोग फाफामऊ की तरफ गए और एकांत जगह गाड़ी रोककर रामसिंह व रणधीर यादव ने फिर शराब पी। चालाकी से रामसिंह ने रणधीर को ज्यादा शराब पिला दी। उसके नशे में धुत होने पर रामसिंह स्कार्पियो चलाने लगा। आगे बढ़ने पर उदय यादव, विजय यादव, उनका नौकर सुजीत श्रीवास्तव, जय यादव व रवि पासी मिले और सभी को गाडी में बिठा लिया।

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गाड़ी से शव उतारकर कंधा लगाकर ले गए आरोपी

पुलिस जांच में पता चला कि गाड़ी में सभी ने मिलकर रणधीर का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या करने के बाद योजना के मुताबिक रणधीर के शव की पहचान छिपाने के लिए शव को उसी स्कार्पियो से बम्हरौली रेलवे ट्रैक के पास ले गए। यहां पर रवि पासी मिला। सभी लोग उनको साथ लेकर बम्हरौली रेलवे स्टेशन आउटर सिग्नल के आगे सूबेदारगंज के तरफ जाने वाले रेल लाइन के करीब स्कार्पियो रोककर रणधीर यादव के शव को सभी लोग कंधा लगाकर ले गए, ताकि किसी को शक न हो।

ट्रैक पर फेंकने से पहले चेहरे को पत्थर से कूंचा

शव को रेलवे ट्रैक पर रख कर सभी ने रणधीर के चेहरे को पत्थर से कूंच दिया ताकि कोई उसकी पहचान न कर सके। आस-पास छिपकर आने वाली ट्रेनों का इंतजार करने लगे। जब एक ट्रेन गुजरी तो देखा कि रणधीर का शव क्षत विक्षत हो चुका था। इसके बाद राम सिंह व उदय यादव, रणधीर की स्कार्पियो से जबकि विजय यादव व सुजीत श्रीवास्तव अपाचे बाइक से चित्रकूट गए और वहीं पर स्कॉपियो छोड़कर भाग निकले। उधर रवि पासी व जय सिंह यादव अपने अपने घर लौट आए।
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