पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान
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पूर्व मंत्री और जौहर विश्वविद्यालय रामपुर के कुलाधिपति मोहम्मद आजम खां ने अपने खिलाफ किसानों द्वारा दर्ज गई 27 प्राथमिकियों को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उनकी याचिका पर 27 नवंबर को सुनवाई होगी। कोर्ट ने पहले से ही आजम खां और अन्य की गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है तथा राज्य सरकार को याचिका पर जवाब दाखिल करने का समय दिया है।
याचिका पर न्यायमूर्ति मनोज मिश्र तथा न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। याचिका पर कमरुल हसन सिद्दीकी और सफदर काजमी ने बहस की। इसके अलावा चुनाव के दौरान दर्ज पांच एफआईआर में गिरफ्तारी पर अग्रिम जमानत देने की मांग में भी आजम खां ने अर्जी दाखिल की है। राज्य सरकार और रामपुर से भाजपा प्रत्याशी जया प्रदा ने भी एक एफआईआर आजम के खिलाफ दर्ज कराई है। चुनाव में धार्मिक भावना भड़काने और धांधली के आरोप लगाए गए है।
न्यायमूर्ति डीके सिंह ने अर्जी को पांच नवंबर को सुनवाई हेतु पेश करने का निर्देश दिया है। यतीम खाना आदि को लेकर आजम खां के खिलाफ दर्ज नौ अन्य प्राथमिकियोें में भी तहत गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम अमानत अर्जी दाखिल की गई है।