शहर के बड़े निजी अस्पताल में उम्मीद के साथ पहुंच रहे आयुष्मान कार्ड धारकों को भर्ती होने के चार-पांच दिन बाद कार्ड के निरस्त होने की सूचना मिल रही है। इस प्रकार के मामले लगातार प्रकाश में आ रहे हैं।
शहर के बड़े निजी अस्पताल में उम्मीद के साथ पहुंच रहे आयुष्मान कार्ड धारकों को भर्ती होने के चार-पांच दिन बाद कार्ड के निरस्त होने की सूचना मिल रही है। इस प्रकार के मामले लगातार प्रकाश में आ रहे हैं। कार्ड पर मरीजों की समस्या के निस्तारण के लिए टोल फ्री नंबर दिया गया है। मगर वह नंबर दिल्ली का है, जिस पर फोन करने पर जवाब मिलता है आपका कार्ड यूपी का है, वहीं फोन करें।
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दरअसल उत्तर प्रदेश में आयुष्मान के लिए काम कर रही स्टेट हेल्थ एजेंसी (साची) और बीमा संस्था विडाल का कार्यालय लखनऊ में है। इसके लिए अलग एक टोल फ्री नंबर (180018004444) जारी किया गया है। यह नंबर बहुत कम ही लोगों को मालूम है। जब कई लाभार्थियाें का कार्ड किन्ही कारणों से निरस्त हो जाता है तो वे इस नंबर पर फोन लगाना शुरू करते हैं।
काफी देर तक तो फोन लगता नहीं है, और जब फोन लगता है तो उनसे कहा जाता है कि यह मामला तो उत्तर प्रदेश का है इसलिए आप वहां के टोल फ्री नंबर पर फोन लगाएं। इससे कार्ड निरस्त होने के बाद पहले से परेशान आयुष्मान कार्ड धारक की समस्या और भी बढ़ जाती है। मजबूरी में कार्ड धारक को निजी अस्पताल के प्रबंधक से विनती करनी पड़ती है कि वह उसकी गरीबी पर तरस खाकर कुछ रुपये कम कर दें।