रामनगरी अयोध्या 5 जुलाई 2005 की सुबह भीषण बम धमाके से दहल उठी थी। धमाका किया था रामजन्म भूमि परिसर में घुसने का प्रयास कर रहे पांच आतंकवादियों ने। इसके बाद करीब डेढ़ घंटे तक अयोध्यावासी बमों के धमाकों और गोलियों की तड़तड़ाहट के बीच सहमे रहे।
सुबह करीब सवा नौ बजे रामजन्मभूमि परिसर से ठीक पहले जैन मंदिर के पास बनी बैरिकेडिंग पर एक सफेद रंग की मार्शल जीप आकर रुकी। इससे पांच लोग कूदकर उतरे और अलग-अलग दिशाओं में भागे। जैन मंदिर के पास तैनात 11वीं वाहिनी पीएसी के दलनायक कृष्णचंद्र सिंह जब तक कुछ समझ पाते जीप में जोर का धमाका हुआ, जिससे चारों ओर धुआं छा गया।
धमाके से लगभग दस मीटर बैरिकेडिंग उड़ गई थी। वहीं, पांचों आतंकियों ने सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाकर एके-47 राइफलों से गोलीबारी शुरू कर दी। आतंकी रॉकेट लांचर और ग्रेनेड का भी प्रयोग कर रहे थे। पांचों आतंकी अलग-अलग दिशा से मुख्य परिसर की ओर बढ़ रहे थे।
दूसरी ओर पीएसी के जवानों ने उनकी चारों ओर से घेराबंदी शुरू कर दी। तब तक इनर कार्डेन में तैनात सीआरपीएफ की टुकड़ियों ने भी मोर्चा संभाल लिया था। सीआरपीएफ कंपनी कमांडर विजेरो टिनी और महिला सहायक कमांडेंट संतो देवी की टुकड़ी ने मुख्य परिसर को पूरी तरह से घेर लिया और जवाबी फायरिंग शुरू कर दी। इससे आतंकी मुख्य परिसर में घुस नहीं सके।
इस बीच 33वीं वाहिनी पीएसी ने जैन मंदिर के पास बने जनरेटर रूम के बगल वाले मकान पर चढ़कर आतंकियों पर फायरिंग शुरू कर दी। इस सब में करीब आधे घंटे बीत गए थे। अब तक फैजाबाद एसएसपी के साथ सिविल पुलिस भी मौके पर पहुंच चुकी थी। सिविल पुलिस ने सीता रसोई की ओर मोर्चा संभाला। अब आतंकी चारों ओर से घिर चुके थे।
करीब 11 बजे तक आतंकियों और सुरक्षा कर्मियों के बीच गोलियां चलती रहीं। इस बीच आतंकियों की ओर से फायरिंग बंद हो गई। इसके बावजूद सुरक्षाबलों ने एहतियात बरतते हुए करीब आधे घंटे इंतजार किया। जब आतंकियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो पूरे इलाके को घेर का कॉबिंग शुरू कराई गई।
कॉबिंग के दौरान इनर कार्डेन के पास दो आतंकियों के शव मिले। दोनों की उम्र लगभग 30 वर्ष थी। उनके पास से एके-47 रायफलें, गोलियां, हैंड ग्रेनेड तथा रॉकेट लांचर के अलावा चाइना मेड पिस्टल और कुरान बरामद की गईं। दो आतंकियों के शव सीता रसोई के पश्चिमी हिस्से में झाड़ियों के बीच मिले। इनमें से एक आतंकी मानव बम बना था।
उसने खुद को उड़ा लिया था। उसके शव के टुकड़े इधर-उधर पड़े थे, जिससे उसके हुलिए और आयु का पता नहीं चल सका। इनके पास से भी रॉकेट लांचर, हैंड ग्रेनेड, एके-47 रायफल और भारी मात्रा में गोलियां तथा मैगजीन आदि बरामद की गईं। पांचवें आतंकी का शव जनरेटर रूम के पास आउटर कार्डेन की ओर जाने वाले रास्ते पर मिला। उसकी उम्र करीब 25 वर्ष थी। इसके पास से भी अत्याधुनिक रायफल, ग्रेनेड और गोलियां बरामद हुईं। इन सबके अलावा आतंकियों द्वारा इस्तेमाल मोबाइल हैंडसेट भी घटनास्थल से बरामद किए गए।