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ऑटा अध्यक्ष ने एमएचआरडी मंत्री से मिलने का समय मांगा

Thu, 13 Jun 2019 12:36 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय
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मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शिक्षक भर्ती पर रोक लगाए जाने के बाद इविवि अध्यापक संघ (ऑटा) के अध्यक्ष ने मानव संसाधन विकास मंत्री (एमएचआरडी) से मिलने का समय मांगा है। अपने पत्र में ऑटा अध्यक्ष प्रो. राम सेवक दुबे ने मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक का ध्यान खींचा है कि 1996 के बाद से इविवि में शिक्षक भर्ती कभी पूरी नहीं हो पाई। इसके चलते विवि में तीन चौथाई पद रिक्त हैं। कई विभागों में शिक्षकों की कमी है। जिस विवि में 30 हजार छात्र अध्ययन करते हो वहां मात्र तीन सौ अध्यापकों के सहारे अध्ययन, अध्यापन और शोध की व्यवस्था हो। ऐसे में गुणवत्ता कैसे स्थापित हो सकी है।

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ऑटा अध्यक्ष प्रो. राम सेवक दुबे ने पत्र में लिखा है कि विवि के विषय में कतिपय बाह्य और अराजक तत्व भ्रामक तथ्य फैलाकर इसे अस्थिर करने में लगे हैं। मानव संसाधन विकास मंत्री से 10 मिनट का समय अपनी बात रखने के लिए मांगा है, जिससे वह अपने पदाधिकारियों के साथ अपनी बात रख सकें। यह पत्र ऑटा अध्यक्ष प्रो. राम सेवक दुबे और महामंत्री प्रो. शिवमोहन प्रसाद की ओर से संयुक्त रूप से लिखा गया है।

ऑटा की कार्यकारिणी की बैठक आज
इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यापक संघ (ऑटा) की कार्यकारिणी की बैठक बृहस्पतिवार को एक बजे विवि के नार्थ हाल में होगी। ऑटा महामंत्री प्रो. शिव मोहन प्रसाद की ओर से बुलाई गई बैठक की सूचना मेल के जरिए सदस्यों को भेज दी गई है।
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इविवि में नए सत्र में भी अतिथि शिक्षकों के भरोसे होगी पढ़ाई
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शिक्षक भर्ती पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से रोक लगाए जाने के बाद अब लग रहा है कि अलगे शैक्षिक सत्र में भी अतिथि शिक्षकों के भरोसे ही पढ़ाई होगी। विवि के कई विभागों में शिक्षकों के लगभग सभी पद खाली हैं। ऐसे में वहां पढ़ाई जारी रखना कठिन होगा। सबसे अधिक परेशानी तो विज्ञान संकाय मे ंफिजिक्स, जूलोजी, केमेस्ट्री सहित कई अन्य विभागों में 18 से 20 पद खाली हैं। ऐसे में इन विभागों में छात्रों को पढ़ाने के लिए योग्य लोगों की कमी हो गई है। विवि की ओर से एक बार फिर नए सत्र के लिए अतिथि शिक्षकों के भरोसे शिक्षण कार्य कराना होगा।

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