हॉस्टलों में हो रही कार्रवाई को लेकर इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के महामंत्री शिवम सिंह ने कई सवाल उठाए हैं और विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाब भी मांगा है। शिवम का आरोप है कि हॉस्टलों में जांच की आड़ में निर्दोष छात्रों पर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की जा रही है। महामंत्री का कहना है कि अपने भाइयों के इस दर्द को भूलेंगे नहीं। चुनाव के बाद पाई-पाई का हिसाब लिया जाएगा।
महामंत्री ने सवाल उठाए हैं कि हॉस्टल में मेस नहीं है तो छात्र भोजन कहां बनाएंगे और क्या खाएंगे? अगर छात्रों के लिए कूलर नहीं तो प्रोफेसर साहब लोग वातानुकूलिक संसाधनों का प्रयोग कैसे कर सकते हैं? बिजली उपकरणों के प्रयोग से छात्रों को मोहताज रखना है तो बिजली बिल के नाम छात्रावास का शुल्क क्यों बढ़ाया गया? इविवि जैसे उच्च मानक की प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण कर प्रवेश लेने वाला छात्र गुंडा कैसे हो सकता है, अगर ऐसा हो रहा है तो इविवि प्रशासन अपनी जिम्मेदारी स्पष्ट करे। केवल हॉस्टल ही क्यों, प्रोफेसर्स कॉलोनियों में अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है? छात्रावासों में सुरक्ष्द्वा बदलों की तैनाती क्यों नहीं की गई है? निर्दोषों पर लाठियों के लिए जिम्मेदार कौन है? महामंत्री का कहना है कि पुलिस और इविवि प्रशासन को इन सवालों को जवाब देना होगा।