प्रयागराज। इविवि छात्रसंघ के उपाध्यक्ष अखिलेश यादव को अनुशासनहीनता एवं अराजकता फैलाने के आरोप में स्नातक की डिग्री वापस लेने का नोटिस जारी किया गया है। उपाध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 15 दिनों में स्पष्टकरण देने को कहा गया है। परिसर में मंगलवार को अखिलेश के नेतृत्व में कुलपति का पुतला फूंके जाने के बाद इविवि प्रशासन ने यह कार्रवाई की।
अनुशासनहीनता और अराजकता के आरोप में छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलेश का परिसर में प्रवेश पहले ही प्रतिबंधित किया जा चुका है। साथ ही अखिलेश के इविवि में किसी भी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने पर भी रोक लगी हुई है। चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध के बावजूद अखिलेश यादव छात्रसंघ के पूर्व पदाधिकारी के पद का दुरुपयोग करते हुए परिसर में अराजकता फैला रहे हैं। पत्र में यह भी कहा गया है कि अखिलेश ने 29 जुलाई को कुलपति के काव्य संग्रह के विमोचन कार्यक्रम में बाधा डालने और अराजकता फैलाने की कोशिश की।
साथ ही मंगलवार को कुछ अराजकतत्वों के साथ परिसर में कुलपति का पुतला दहन कर नारेबाजी की, जो अराजकता है। अखिलेश को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 15 दिनों में पंजीकृत डाक से स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। साथ ही पूछा गया है कि अशोभनीय आचरण एवं अराजकता के कारण क्यों न उनकी स्नातक की डिग्री को विश्वविद्यालय द्वारा वापस लिए जाने की कार्यवाही आरंभ करने के लिए मामला कार्य परिषद को भेज दिया जाए।
छात्रों ने फूंका कुलपति का पुतला
प्रयागराज। इविवि छात्रसंघ भवन में उपाध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में छात्रों ने कुलपति का पुतला फूंका और नारेबाजी की। छात्रों ने कहा कि एक और नया ऑडियो टेप वायरल होने से विश्वविद्यालय की बदनामी हो रही है। उपाध्यक्ष अखिलेश एवं छात्र नेता सौरभ सिंह ने कहा कि इस घटना से छात्रों में काफी रोष है। उन्होंने यह भी कहा कि कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू जब से विश्वविद्यालय में आए हैं, तब से यहां अशांति का माहौल है। छात्रों को लगतार निष्कासित, निलंबित, ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई चल रही है। मांग की गई कि केंद्र सरकार कुलपति के खिलाफ कार्रवाई करे। पुतला दहन के दौरान छात्रों की वहां तैनात पुलिस कर्मियों से हल्की झड़प भी हुई।