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अंडरग्राउंड पाइपलाइन से तेल चुराने वाले गिरोह का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार

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Four arrested in oil theft from underground pipeline
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प्रयागराज। करछना में इंडियन ऑयल कारपोरेशन की बरौनी-कानपुर पाइपलाइन से तेल चोरी करने वाले गिरोह का मंगलवार को पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया। गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से दो हजार लीटर डीजल, एक पिकअप वाहन व 66 हजार नकद बरामद किया गया है। सरगना समेत छह आरोपी फरार हैं। पुलिस का कहना है कि उनकी तलाश की जा रही है।
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745 किमी लंबी बरौनी-कानपुर पाइपलाइन जिले के अन्य इलाकों समेत करछना थाना क्षेत्र से भी होकर गुजरी है। यहां गधियांव गांव में रेलवे ट्रैक के बगल स्थित पाइपलाइन से 20 जुलाई को तेल चोरी के खेल का खुलासा हुआ था। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस को मौके से पिकअप मिला था, जिसमें ड्रम में रखा करीब दो हजार लीटर डीजल भी बरामद हुआ था। इंडियन ऑयल के असिस्टेंट मैनेजर विनय कुमार की ओर से अज्ञात चोरों के खिलाफ कर्नलगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मंगलवार को पुलिस ने चार सदस्यों को करछना स्टेशन के पास से गिरफ्तार करते हुए इस गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया। एसपी यमुनापार दीपेंद्रनाथ चौधरी ने बताया कि इस गिरोह में कुल 10 सदस्य शामिल हैं, जिनमें से सरगना समेत छह अभी फरार हैं। पकड़े गए सदस्यों ने पूछताछ में बताया कि गिरोह का सरगना संतोष सिंह है और उसके ही कहने पर वह इस खेल में शामिल हुए। वह मामले का खुलासा होने के करीब 10-12 दिन पहले से तेल चोरी में लगे हुए थे और करीब 66 हजार रुपये का डीजल जौनपुर के एक पेट्रोल पंप पर बेचा था। एसपी ने बताया कि नकदी भी बरामद कर ली गई है।
ऐसे करते थे चोरी
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार बदमाशोें ने पूछताछ में बताया कि तेल चोरी करने के लिए वह सबसे पहले अंडरग्राउंड पाइपलाइन के इर्द गिर्द खोदाई करते थे। इसके बाद पाइपलाइन के पास ही ड्रम लदा पिकअप खड़ा कर देते थे। फिर मशीन से पाइपलाइन में ड्रिलिंग कर उसमें एक साइफन लगा देते थे। फिर इस साइफन से एक पाइप जोड़कर उसे पिकअप में रखे ड्रम तक पहुंचा देते थे और इस तरह यह पूरा खेल अंजाम दिया जाता था। ड्रमों में तेल भर जाने के बाद वह साइफन में लगे नोजल को ऑफ मोड में कर देते थे, जिससे तेल की सप्लाई लाइन में सामान्य हो जाती थी।
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यह हुए गिरफ्तार
गौरव शर्मा निवासी खाईं करछना
अनिल यादव निवासी सिकरारा जौनपुर (पिकअप ड्राइवर)
अनिल हरिजन निवासी सिकरार जौनपुर (पिकअप ड्राइवर)
जय प्रकाश राय निवासी आजमगढ़
वांछित अभियुक्त
संतोष उर्फ पप्पू उर्फ विस्सू सिंह निवासी सिकरारा जौनपुर (सरगना)
रत्नेश सिंह निवासी करछना
सौरभ शर्मा निवासी खाई, करछना
रिंकू राय निवासी आजमगढ़
सिंटू राय निवासी आजमगढ़
राहुल कुशवाहा निवासी अज्ञात
संविदा रोडवेज कर्मचारी है एक आरोपी
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार जयप्रकाश जौनपुर डिपो में संविदा परिचालक है। सरगना संतोष मुंबई में रहकर काफी समय तक पेट्रोलपंप पर काम कर चुका है। इसके अलावा फरार रिंकू, सिंटू व राहुल कुशवाहा के बारे में पता चला है कि इस खेल में प्रयुक्त उपकरणों आदि का इंतजाम इन्होंने ही किया। अनिल यादव व अनिल हरिजन पिकअप चालक हैं और खाई गांव के रहने वाले गौरव, सौरभ भाई हैं जबकि रत्नेश उनका चाचा है। पुलिस की मानें तो पाइपलाइन के बारे में सरगना संतोष को जानकारी व स्थानीय स्तर पर मदद इन्हीं तीनों ने उपलब्ध कराई।
गिरोह तक ऐसे पहुंची पुलिस
पुलिस ने बताया कि 20 जुलाई को मौके से बरामद पिकअप के बारे में जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि जौनपुर के शेरवा सिकरारा निवासी बृजेश जायसवाल की है। उस तक पहुंचकर पूछताछ की गई तो पता चला कि खाई निवासी गौरव व सौरभ ढाई हजार में पिकअप बुक कर ले गए थे। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पूरी कहानी सामने आ गई।
फतेहपुर में भी दो जगह हुई हैं वारदातें
पुलिस का यह भी कहना है कि पिछले कुछ दिनों में बरौनी-कानपुर पाइपलाइन से तेल चोरी की दो घटनाएं फतेहपुर मेें भी सामने आई हैं। इस बात का पता लगाया जा रहा है कि उन घटनाओं में भी तो इसी गिरोह का हाथ नहीं। फिलहाल पकड़े गए सदस्यों ने उन घटनाओं के बारे में जानकारी से इंकार किया है। लेकिन सरगना के पकड़े जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि फतेहपुर की घटना मेें यह गिरोह शामिल था या नहीं।
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