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बीसीआई ने पत्र जारी कर सुपर न्यूमरी कोटा में प्रवेश की नहीं दी अनुमति
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पुरानी सीट पर होंगे प्रवेश, ईडब्ल्यूएस आरक्षण को लेकर फंसा पेच
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संघटक महाविद्यालयों में एलएलबी में प्रवेश की प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हुई है। इसके दो प्रमुख कारण हैं। पहला तो यह कि नए सत्र में प्रवेश के लिए कॉलेज अब तक बार कौंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) से मंजूरी मिलने का इंतजार कर रहे थे और दूसरी वजह यह है कि सुपर न्यूमरी कोटा में प्रवेश लेकर उहापोह की स्थिति बनी हुई है।
ईडब्ल्यूएस आरक्षण व्यवस्था लागू होने के बाद बाकी पाठ्यक्रमों में तो सीटों की संख्या बढ़ा दी गई थी, लेकिन एलएलबी में सीटों की संख्या नहीं बढ़ी थी। एलएलबी में सीटों की संख्या का निर्धारण बीसीआई करता है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अलावा संघटक महाविद्यालय सीएमपी और इलाहाबाद डिग्री कॉलेज में एलएलबी की पढ़ाई होती है। पिछले दिनों बीसीआई ने पत्र जारी किया था कि बीसीआई सामान्य नियम के तहत कॉलेजों में एलएलबी की सीटों पर किसी भी तरह का सुपर न्यूमरी कोटा को मंजूरी नहीं देता है। बीसीआई के इस पत्र के बाद असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
अगर उपलब्ध सीटों में ही ईडब्ल्यूएस श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए सीटें आरक्षित की जाती हैं तो इसका असर अनारक्षित श्रेणी के साथ अन्य श्रेणी के लिए आरक्षित सीटों पर भी पड़ेगा। एडीसी के प्राचार्य डॉ. अतुल कुमार सिंह का कहना है कि 2019 में बीसीआई ने एक पत्र जारी कर सुपर न्यूमरी कोटा में ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों के लिए सीटें आरक्षित करने की अनुमति दी थी, लेकिन इसके बाद जो पत्र आया है, उसके हिसाब से सुपर न्यूमरी कोटा के तहत सीटें नहीं बढ़ाई जा सकती हैं।
फिलहाल एडीसी में पुरानी सीटों पर ही पूर्व निर्धारित आरक्षण व्यवस्था के तहत प्रवेश लिए जाएंगे। साथ ही बीसीआई को पत्र भेजकर इस बारे में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की जाएगी। इसके अलावा कॉलेजों में हर साल एलएलबी में प्रवेश के लिए बीसीआई मंजूरी पत्र जारी करता है। एडीसी को पत्र मिल गया है। जबकि, सीएमपी के प्राचार्य डॉ. बृजेश कुमार का कहना है कि सीएमपी को बीसीआई से पत्र मिलने का इंतजार है। उम्मीद है कि जल्द ही एक-दो दिन में मंजूरी मिल जाएगी। इसके बाद एलएलबी की पूर्व निर्धारित सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।