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प्रयागराज में पुलिस टीम पर हमला कर वांछित को छुड़ाया, सात पुलिसकर्मी घायल

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Attacked police team in Prayagraj, rescued the desired, seven policemen injured - फोटो : CITY DESK
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पुलिस टीम पर हमला कर वांछित आरोपी को छुड़ाया
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0 धूमनगंज के मरियाडीह में घटना, सात पुलिसकर्मी घायल
0 भारी फोर्स लेकर पहुंचे इंस्पेक्टर तो भाग निकले उपद्रवी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। धूमनगंज के मरियाडीह में शनिवार को दबिश को पहुंची पुलिस टीम पर हमला हुआ। उपद्रवियों ने गोकशी के मामले में वांछित चल रहे आरोपी को पुलिस हिरासत से छुड़वा लिया, जिसके बाद वह अपने साथियों के साथ फरार हो गया। हमले में सात पुलिसकर्मी घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए कॉल्विन अस्पताल ले जाया गया। कई थानों की फोर्स देर रात तक हमलावरों की तलाश में दबिश देती रही।
धूमनगंज पुलिस ने बताया कि गोकशी के मामले में रसूलपुर मरियाडीह निवासी नुरैन पुत्र जरीमुल्ला वांछित चल रहा है। शनिवार शाम पांच बजे के करीब उसके घर में होने की सूचना मिली। इस पर पुलिस टीम ने उसे पकड़ने के लिए धूमनगंज थाने में दबिश देकर उसे पकड़ लिया। इसके बाद जैसे ही पुलिस उसे साथ लेकर जाने लगी, वहां सैकड़ों लोग जुट गए और टीम को घेर लिया। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी थीं। पुलिस कुछ करती, इससे पहले ही उस पर लाठी-डंडों व ईंट-पत्थर से हमला बोल दिया गया। ईट-पत्थर चलते देख पुलिसकर्मी पीछे हटे, जिसके बाद भीड़ में शामिल कुछ युवकों ने नुरैन को जबरन पुलिस हिरासत से छुड़वा लिया और फिर उसे लेकर भाग निकले। बम्हरौली चौकी प्रभारी नित्यानंद सिंह आरोपी को पकड़ने दौड़े तो भाग रहे युवकों ने फायरिंग की, जिससे उन्हें पीछे हटना पड़ा। किसी तरह खुद को व टीम को बचाकर उन्होंने मामले की जानकारी अफसरों को दी तो हड़कंप मच गया। इसके बाद इंस्पेक्टर थाने की फोर्स लेकर मौके पर पहुंच गए। भारी फोर्स को देखते ही गांव में भगदड़ मच गई। हमले में सात पुलिसकर्मी घायल हुए हैं जिनमें एसआई नित्यानंद के अलावा कांस्टेबल कृष्णानंद, दीपक कुमार व दीपक भारद्वाज के अलावा तीन अन्य जवान शामिल हैं। सभी को इलाज के लिए कॉल्विन अस्पताल पहुंचाया गया। इंस्पेक्टर विजय सिंह ने बताया कि मामले में 10 नामजद व 50 अज्ञात के खिलाफ हत्या का प्रयास, सरकारी काम में बाधा डालना, बलवा समेत अन्य आरोपों में रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।
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देर रात तक होती रही छापेमारी
उधर पुलिस टीम पर हमले की खबर मिली तो अफसरों में भी हड़कंप मचा। जिसके बाद धूमनगंज के साथ ही करेली व खुल्दाबाद थाने की फोर्स देर रात तक हमलावरों की तलाश में छापेमारी करती रही। इस दौरान कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया। जिन्हें थाने लाकर देर रात तक पूछताछ की जाती रही। हालांकि पुलिस किसी को हिरासत में लिए जाने की बात से इंकार करती रही।
मार्च में दर्ज हुआ था मुकदमा
पुलिस ने बताया कि नुरैन पर इसी साल मार्च में गोवध अधिनियम का मामला दर्ज किया गया था। तब से वह फरार चल रहा था। कुछ दिन पहले ही इसी मामले में नामजद एक अन्य आरोपी को बम्हरौली चौकी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सूत्रों की मानें तो मरियाडीह में पुलिस टीम पर हमले की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। पुलिस का तो यह भी कहना है कि कुछ साल पहले एक मुकदमे के सिलसिले में नुरैन के पिता जरीमुल्ला को पकड़ने एक पुलिसकर्मियोें के साथ भी धक्कामुक्की व मारपीट की गई थी।
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पूर्व सांसद का गढ़ है मरियाडीह
मरियाडीह गांव जिले के सबसे विवादित गांवों में एक है। कभी यह पूर्व सांसद अतीक अहमद का गढ़ भी माना जाता था। कुछ साल पहले इसी गांव में आबिद प्रधान की बहन अल्कमा व उसके ड्राइवर सुरजीत को गाड़ी के भीतर गोलियों से भून दिा गया था। इस मामले में पहले आबिद व अतीक के दुश्मनों पर मुकदमा लिखा गया था। हालांकि बाद में जांच हुई जिसके बाद अतीक, अशरफ व आबिद समेत अन्य को आरोपी बनाया गया।
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