कहां से सात लाख की पिस्टल
सवाल यह भी है कि नशीले पदार्र्थों व अवैध शराब के साथ पकड़ जाने वाले बदमाशों के पास सात लाख कीमत वाली पिस्टलें कहां से आईं। वह भी तब जब इन हथियारों की भारत में सप्लाई अंतरराष्ट्रीय असलहा तस्कर रैकेट के जरिए ही संभव है। गौरतलब है कि हत्या में बरामद दो पिस्टलें तुर्किए में बनी जिगाना व गिरसान हैं जिनकी कीमत सात से आठ लाख रुपये है।
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अनाड़ी शूटरों पर डॉन क्यों लगाएंगे दांव?
इस मामले में एक चर्चा यह भी है कि सुपारी देकर अतीक व अशरफ की हत्या कराई गई हो। दरअसल सनी के सुंदर भाटी गैंग से कनेक्शन सामने आने के बाद यह चर्चा शुरू हुई है। हालांकि सवाल यह भी है कि कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के धंधे में लिप्त गैंग के मुखिया अनाड़ी शूटरों पर दांव क्यों लगाएंगे। कम से 14 से 15 लाख रुपये कीमत वाली पिस्टलें इन अनाड़ी अपराधियों के हाथ में कोई क्यों थमाएगा।