सनी ही मास्टरमाइंड, मकसद जुर्म की दुनिया में नाम कमाना
सूत्रों का कहना है कि विवेचना में एसआईटी ने यही पाया है कि इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड सनी है। उसने ही प्लानिंग बनाई और हथियारों का इंतजाम किया। उसने ही लवलेश और फिर उसके बाद अरुण मौर्य काे अपनी प्लानिंग में शामिल किया। शूटरों के बयानों व अन्य साक्ष्यों के आधार पर एसआईटी इसी नतीजे पर पहुंची है कि जुर्म की दुनिया में नाम कमाने के लिए ही उन्होंने इस हत्याकांड को अंजाम दिया।
एक-दो दिन का लग सकता है और समय
उधर चार्जशीट दाखिल होने में एक-दो दिन का समय और लग सकता है। सूत्रों के मुताबिक, इसे एक दिन पहले ही तैयार कर लिया गया था लेकिन कुछ तकनीकी मामलों की वजह से इसे बुधवार को दाखिल नहीं किया गया। अब यह 14 या 15 जुलाई को दाखिल की जा सकती है।
केस दर्ज होने पर भी कम नहीं हुई अली के गुर्गों की दबंगई
करेली में दो दिन पहले मुकदमा लिखे जाने के बाद भी अतीक अहमद के बेटे अली अहमद के गुर्गों की दबंगई कम नहीं हुई है। वह अब भी भुक्तभोगी गजाला बेगम की जमीन पर कब्जा कर बनाई गईं दो दुकानें संचालित कर रहे हैं। इसके अलावा बेरोकटोक घूम भी रहे हैं। इससे पीड़ित परिवार दहशत में है।
करेली के रसूलपुर निवासी भुक्तभोगी महिला के भाई दानिश शकील ने 10 जुलाई को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें अली के अलावा दो सगे भाइयों मो. फैज व मो. सैफ के साथ ही परवेज अख्तर अंसारी व दो अन्य सगे भाइयों शमीम मौलाना व महफूज मंसूरी को नामजद किया गया है। आरोप है कि जमीन बेचने से इन्कार करने पर आरोपी 50 लाख की रंगदारी मांग रहे हैं। आरोप यह भी है कि जमीन कब्जाने की नीयत से आरोपियों ने फर्जी कागजात तैयार किए और जमीन के आगे जबरन दो दुकानें बनवा लीं।
वादी दानिश शकील का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आराेपियों पर कोई असर नहीं हो रहा है। वह उसकी बहन की जमीन पर कब्जा कर बनाई गई दुकानें संचालित कर रहे हैं। उधर पुलिस का कहना है कि मामला दस्तावेजी साक्ष्यों से जुड़ा है, ऐसे में साक्ष्य संकलन की कार्रवाई चल रही है। एसीपी करेली श्वेताभ पांडेय ने बताया कि आरोपियों पर साक्ष्यों के आधार पर जल्द कार्रवाई होगी।