इसके बाद अदालत ने कहा कि अपराध का संज्ञान लिए जाने का पर्याप्त आधार है। अदालत ने आरोपियों को 14 जुलाई को न्यायालय के समक्ष पेश करने का आदेश दिया, ताकि उन्हें अभियोजन पत्रों की नकल उपलब्ध कराई जा सके और मामले को विचारण के लिए सत्र न्यायालय को सुपुर्द किया जा सके। उधर, दो हजार पेज की केस डायरी और 56 पेज के आरोप पत्र में पुलिस ने कहा है कि सनी सिंह ही हत्याकांड का मास्टरमाइंड है। अतीक और अशरफ की हत्या के बाद तीनों आरोपियों को घटनास्थल पर ही पकड़ा गया है। लवलेश तिवारी, सनी और अरुण मौर्य के खिलाफ विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं, लिहाजा आरोपियों को दंडित करें।
सवाल जिनके नहीं मिले जवाब
चार्जशीट में सिर्फ सनी, लवलेश और अरुण के नाम। क्या ये संभव है कि इतनी बड़ी वारदात में उनकी किसी ने भी कोई मदद नहीं की। न पैसे से न हथियार से।
जिगाना पिस्टल की कीमत पांच से सात लाख रुपये है। सनी ने इतने पैसे कहां से जुटाए। उसने 2021 में पिस्टल गैंगस्टर जितेंद्र गोगी से खरीदी थी। इतने पैसे उसके पास आए कहां से।
तीनों आरोपियों ने घटना से एक महीने पहले बांदा से फर्जी आधार कार्ड बनवाए। फर्जी आधार कार्ड बनवाने में उनकी किसने मदद की। फर्जी कागजात किसने तैयार किए। उसकी हत्याकांड में क्या भूमिका है। यह सब पता चलना बाकी है।
पहली गोली मारी थी लवलेश ने
15 अप्रैल की रात सनी, लवलेश और अरुण मीडियाकर्मियों के साथ अस्पताल गेट पर खड़े थे। अतीक और अशरफ जैसे ही अंदर घुसे, लवलेश ने जिगाना पिस्टल से पहली गोली अतीक के सिर में मारी थी। अशरफ को पहली गोली सनी सिंह ने मारी। इसके बाद दोनों पर गोलियों की बौछार कर दी गई थी।
एसआईटी ने डेढ़ सौ गवाहों की सूची, 70 सीसीटीवी फुटेज की सीडी भी अदालत में सौंपी
अतीक-अशरफ हत्याकांड की जांच में जुटी एसआईटी ने जांच के दौरान डेढ़ सौ से अधिक गवाहों से पूछताछ की थी। इसके अलावा अस्पताल से लेकर आरोपियों के ठहरने वाले होटल की करीब 70 सीसीटीवी फुटेज की सीडी भी अदालत को सौंपी है। एसआईटी ने प्रमुख चश्मदीद गवाहों में 21 पुलिस वाले शामिल थे, जो घटनास्थल पर ही मौजूद थे। इसके अलावा मीडियाकर्मियों, अस्पताल कर्मियों समेत जन सामान्य के तमाम लोगों से भी पूछताछ की गई थी।
सभी गवाहों के बयान और उनकी सूची चार्जशीट के साथ अदालत को सौंपी गई है। तीनों आरोपियों जिस होटल में ठहरे थे, वहां की कई रिकार्डिंग भी पुलिस के पास है। जब तीनों हत्या के लिए निकले, उस समय की फुटेज भी सौंपी गई है। अस्पताल के आस पास की दुकानों की सारी फुटेज एक सीडी में डाउनलोड कर अदालत को दी गई है।