अतीक और अशरफ के कत्ल के आरोप में गिरफ्तार लवलेश तिवारी, सनी सिंह व अरुण मौर्य।
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माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की कैमरे के सामने हत्या करने वाले तीनों शूटरों की होटल स्टे-इन से बरामद की गई आईडी फर्जी पाई गई है। तीनों शूटरों ने होटल में कमरा बुक कराने के लिए जाली आधार कार्ड लगाए थे। इस आधार पर अब पुलिस उन पर फर्जीवाड़े का भी केस दर्ज करने की तैयारी में जुट गई है।
तीनों शूटरों ने चित्रकूट के पते का आधार कार्ड इस्तेमाल किया था। हत्या के बाद जब उन्हें पुलिस के सामने समर्पण करना था, तब चित्रकूट के पते से उनका फर्जी आधार कार्ड क्यों बनवाया गया? इसे लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। चित्रकूट से तीनों शूटरों का इस घटना को लेकर वास्ता भी खंगाला जाने लगा है। शूटर जब होटल पहुंचे थे, तब प्रबंधक अखिलेश कुमार सिंह की ड्यूटी थी। अखिलेश का कहना है कि तीनों युवकों से उनकी आईडी ली गई थी।
सामान्य तौर पर किसी तरह का संदेह न होने की वजह से उनको कमरे दिए गए थे। उस वक्त वह किसी गाड़ी से भी नहीं आए थे। तीन दिन के भीतर उनसे मिलने के लिए होटल में कोई विजिटर भी नहीं आया। होटल प्रबंधक के मुताबिक वहां किसी से विजिटर की मुलाकात की भी इजाजत नहीं है। ऐसे में किसी बाहरी मुलाकाती के किसी कमरे में आने का सवाल ही नहीं उठता।