दो महीने से बना रहे थे योजना
सूत्रों का कहना है कि एसआईटी की पूछताछ में फिलहाल शूटरों ने किसी साजिशकर्ता का नाम नहीं उगला। वह यही बयान देते रहे कि हत्याकांड को उन्होंने जरायम की दुनिया में नाम कमाने के लिए अंजाम दिया। इसकी प्लानिंग सनी ने दो महीने पहले की थी। 24 फरवरी को उमेश पाल हत्याकांड का वीडियो फुटेज देखने के बाद उन्हें लगा कि जब अतीक का बेटा इस तरह की वारदात कर सकता है तो वे क्यों नहीं। इसके बाद से ही वह टीवी, सोशल मीडिया के जरिये अतीक-अशरफ से जुड़ी हर खबर पर नजर रखने लगे थे।
नार्को या लाई डिटेक्टर टेस्ट की मांगी जा सकती है अनुमति
सूत्रों का कहना है कि भले ही शूटर खुद से ही वारदात अंजाम देने की बात पर कायम हैं। लेकिन अब भी उनके बयान पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा रहा। यही वजह है कि विवेचना में जुटी एसआईटी जल्द ही शूटरों के नार्को या लाई डिटेक्टर टेस्ट की अनुमति के लिए अर्जी दाखिल कर सकती है। हालांकि इसके लिए अभियुक्तों की मंजूरी जरूरी होगी। फिलहाल इस बारे में पुलिस अफसर आधिकारिक रूप से कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।