साबरमती जेल से प्रयागराज लाते समय माफिया अतीक अहमद के काफिले में किसी तरह की रुकावट न हो इसलिए पुलिस कर्मियों ने जसरा रेलवे फाटक को बंद होने से रोक दिया। काफिले को लेकर चौराहे व बाजार में दोपहर से ही पुलिस कर्मी तैनात थे।
साबरमती जेल से प्रयागराज लाते समय माफिया अतीक अहमद के काफिले में किसी तरह की रुकावट न हो इसलिए पुलिसकर्मियों ने जसरा रेलवे फाटक को बंद होने से रोक दिया। काफिले को लेकर चौराहे व बाजार में दोपहर से ही पुलिसकर्मी तैनात थे। अतीक अहमद को लेकर चल रही पुलिस की गाड़ियां जैसे ही जसरा बाजार में पार कीं वैसे ही जसरा गेट नंबर 24 सायरन की आवाज करते हुए रेलवे फाटक को बंद होने लगा।
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मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने पहुंचकर क्रॉसिंग को बंद होने से रोक दिया, जिसके कुछ देर में ही अतीक अहमद को लेकर चल रही गाड़ी क्रॉसिंग पर पहुंच गईं तथा बिना रुकावट के आगे बढ़ गई। पुलिस वैन के पीछे गाड़ियों का काफिला चल रहा था। काफिले को क्रॉसिंग पार करने में पंद्रह मिनट का समय लग गया। इस दौरान गेट को खुला रखा गया। सैकड़ों गाड़ियों का काफिला गुजरने में लगभग 15 मिनट का समय लगा। तब तक प्रयागराज से मुंबई जाने वाली मालगाड़ी सिग्नल ना हो पाने के कारण आउटर पर ही खड़ी रही।
काफिला गुजरने के बाद रेलवे क्रॉसिंग बंद करके गाड़ी को सिग्नल दिया गया, तब जाकर के ट्रेन आगे बढ़ी। अतीक का काफिला देखने के लिए क्रॉसिंग पर पहले से ही काफी लोगों का मजमा लगा हुआ था। लोगों को पूरा अंदेशा था कि जसरा फाटक बंद होने पर जाम लग जाएगा और काफिला को रुकना पड़ेगा। किंतु मुस्तैद पुलिस ने क्रॉसिंग बंद होने से पहले ही फुर्ती दिखाते हुए उसे रोक लिया। इससे काफिला आसानी के साथ गुजर गया।