सूत्रों की माने तो बैरक तक जाने वाले रास्ते से लंबरदारों को हटा कर पहले से ही बंदी रक्षकों को तैनात कर दिया गया था। साथ ही अतीक की बैरक में किसी भी लंबरदार को नहीं लगाया गया था। माफिया अतीक के आने को लेकर पहले से ही कई थानों की फोर्स के साथ पीएसी व डीसीसी, एसीपी व पुलिस के अधिकारी बाहर की सुरक्षा व्यवस्था संभालते दिखाई पड़े। जेल प्रवेश पर बैरिकेडिंग के साथ उसे बंद कर दिया गया था।
जेल मुख्यालय से भेजे गए डीआईजी एके सिंह के साथ वरिष्ठ जेल अधीक्षक शशिकांत सिंह व अन्य अधिकारी व्यवस्था को संभालने के लिए लगे रहे। माफिया अतीक अहमद को यहां पर रखने के लिए जेल व पुलिस प्रशासन 24 घंटे पहले ही तैयारी में जुट गया था। जेल के अंदर पिता-पुत्र व भाई की मुलाकात न हो इसके लेकर जेल प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
केंद्रीय कारागार परिसर स्थित पुरानी महिला बैरक में जहां अतीक अहमद को रखा गया, वहां पहले कोरोना संक्रमितों के लिए क्वारंटीन सेल बनाया गया था। 30 बंदियों की क्षमता वाले इस बैरक में चार सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। साथ ही अन्य बैरकों से काफी दूर है और गौशाला के पास बनी है। इसके आस-पास कोई बैरक नहीं है। अभी तक यहां माफिया अतीक का बेटा अली अहमद रह रहा था।
उमेश पाल हत्याकांड के बाद से ही यहां पर अली को रखने के साथ इसकी सुरक्षा काफी बढ़ा दी गई थी। यहां पर बंदी रक्षकों को तैनात किया गया है। इसमें जेल प्रशासन के अधिकारियों के अलावा किसी अन्य को जाने के लिए रोक लगाई गई है। जेल प्रशासन द्वारा यहां पर लंबरदारों को तैनात नहीं किया गया है।
बैरक की गेट पर बॉडी बॉर्न कैमरे से लैस बंदी रक्षकों की तैनाती की गई है। सुरक्षा के दृष्टि से माफिया अतीक अहमद को यहां रखा गया है, क्योंकि जेल में माफिया के गुर्गों के साथ बड़ी संख्या में उसके समर्थक बंद है। ऐसे में जेल प्रशासन अतीक को अन्य बैरकों से दूर इस अतिरिक्त बैरक में रखे हुए है।
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