स्पेशल कोर्ट एमपी एमएलए ने सोमवार को चार और आपराधिक मुकदमों में अतीक अहमद को पूर्व में मिली जमानत निरस्त कर दी है। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास गवाहों को धमकाने और कचहरी परिसर में पेशी के दौरान बम हमला करवाने का मुकदमा शामिल है। इससे पूर्व गवाह को धमकाने के एक मामले में अतीक की जमानत स्पेशल कोर्ट से निरस्त हो चुकी है।
इस प्रकार से अभियोजन कुल पांच मुकदमों में जमानतें निरस्त कराने में कामयाब रहा है। सभी प्रकरण में अतीक अहमद को पूर्व में जमानत मिली थी। अभियोजन द्वारा अतीक के जमानत निरस्त करने की अर्जी पर शुक्रवार को सुनवाई हुई थी। जमानत निरस्तीकरण अर्जी पर यह आदेश स्पेशल जज डॉ बालमुकुंद ने डीजीसी जीसी अग्रहरी, विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र सिंह और एडीजीसी राजेश गुप्ता को सुन कर दिया है।
पूर्व डीजीसी राम अभिलाष सिंह ने अतीक अहमद के खिलाफ कर्नलगंज, करेली, धूमनगंज और खुल्दाबाद थानों में दर्ज पांच मुकदमों जिसमें अतीक अहमद को पूर्व में जमानत मिली चुकी थी, के संबंध में मार्च 2017 को जमानत निरस्त करने की अर्जी प्रस्तुत की थी। वर्तमान में जमानत निरस्त करने के संबंध में दाखिल सभी प्रार्थना पत्र स्पेशल जज एमपी एमएलए कोर्ट में लंबित हैं।
शुक्रवार को जमानत निरस्त करने के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई हुई हुई थी। जिसमें करेली थाने के मुकदमे में आदेश घोषित कर दिया था। शेष चार मामलों में सोमवार को आदेश घोषित किया गया है। अभियोजन की ओर से कहा गया कि अभियुक्त अतीक अहमद के खिलाफ 2017 तक कुल 75 आपराधिक मामले दर्ज हो चुके थे। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार जमानत पाने के बाद अतीक अहमद आपराधिक गतिविधियों में संलग्न रहे। अभियोजन का कहना था कि अतीक अहमद ने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है। उन्होंने जमानत पर रहने के दौरान नैनी स्थित शुआट्स में घुसकर मारपीट की। इस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी कड़ी टिप्पणियां की थीं।
कोर्ट ने विधि व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए चारों प्रकरणों में अभियोजन की अर्जी मंजूर कर ली है। कोर्ट ने आदेश में यह भी कहा है कि अभियुक्त का पक्ष रखने कोई उपस्थित नहीं हुआ जबकि, उन्हें कई बार अवसर दिया जा चुका है।