अतीक अहमद शनिवार की सुबह करीब साढ़े नौ बजे नैनी जेल पहुंच गए। चुनाव आयोग की मंजूरी के बाद शासन ने बरेली जेल से उनका ट्रांसफर नैनी सेंट्रल जेल कर दिया। सुबह अतीक के पहुंचने से पहले ही दर्जनों की संख्या में लग्जरी गाड़ियां वहां मौजूद थीं। पुलिस के भारी सुरक्षा बंदोबस्त के बीच अतीक के लोग भी बरेली से लगातार उनके आसपास थे। जेल के अंदर भी मिलने-जुलने वालों की भीड़ जुटी रही।
अतीक का काफिला सुबह पहुंचा तो जेल की आबोहवा बदली हुई थी। गेट पर सुरक्षा के बंदोबस्त किए गए थे, लेकिन उसके बाद भी बड़ी संख्या में अतीक समर्थक इकट्ठे हो गए थे। अतीक को उनके पुराने स्थल सर्किल नंबर पांच के बी क्लास बैरक में रहने के लिए भेजा गया है। बताया जाता है कि अतीक के यहां आने की आहट मिलते ही उनके कई समर्थक अपनी जमानत तुड़वाकर एक दो दिन पहले ही जेल पहुंच गए हैं। वहीं अतीक के इस जेल ट्रांसफर को लेकर लोग तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं। शनिवार को जेल में मिलाई का कार्यक्रम बंद होने के बावजूद अतीक के समर्थकों का जेल गेट पर जमावड़ा रहा। इस संबंध में वरिष्ठ जेल अधीक्षक एचबी सिंह से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन नहीं रिसीव हुआ। हालांकि, शनिवार से जेल और यहां के अधिकारियों की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
इलाहाबाद और फूलपुर की संसदीय सीट पर दिखाएंगे सियासी रसूख
नैनी। चुनाव के दौरान अतीक अहमद का जेल ट्रांसफर पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जाता है कि उन्हें इसी शर्त के साथ यहां भेजा गया है कि वह चुनाव के दौरान अपना सियासी रसूख दिखाएं। उनका नैनी जेल रहना भी इसी बात पर निर्भर करेगा कि चुनाव में वह कितना दम दिखा पाते हैं।
शासन को अपना मंतव्य समझाने में हुए सफल, तब हुआ जेल ट्रांसफर!
नैनी। पूर्व सांसद अतीक अहमद के जब से नैनी जेल वापस आने की चर्चा शुरू हुई है, तब से जेल के कई अधिकारी परेशान थे। दरअसल, पिछली बार जेल अधिकारियों की ही रिपोर्ट पर उनका ट्रांसफर हुआ था। ऐसे में अधिकारियों ने काफी जतन किया कि अतीक वापस न आने पाएं, लेकिन उनके एक शीर्षस्थ अधिकारी की मजबूत पैरवी के आगे स्थानीय स्तर के जेल अफसरों की सारी कवायद पर पानी फिर गया और अतीक का नैनी जेल में ट्रांसफर हो गया। सूत्रों के अनुसार कारागार विभाग के एक करीबी शीर्षस्थ अधिकारी के जरिए शासन तक उन्होंने अपने वोट बैंक का गुण-गणित पहुंचाया।
शुआट्स कुलपति के समर्थकों में भी डर
नैनी। यह महज संयोग है या फिर कुछ और कि जब शुआट्स के कुलपति प्रो. आरबी लाल जेल के अंदर हैं, तभी उनके धुर विरोधी पूर्व सांसद अतीक अहमद का भी यहीं पर ट्रांसफर कर दिया गया। अतीक के नैनी जेल आने के बाद से प्रो. आरबी लाल के उन समर्थकों में भी मायूसी एवं डर समा गई है, जो उनसे आए दिन जेल में मिलाई करने जाते थे, खासतौर से अतीक अहमद पर मुकदमा दर्ज कराने वालों में।