पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां शनिवार को गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में विसर्जित कर दी गईं। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी की मौजूदगी में सूबे के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनकी अस्थियां संगम में प्रवाहित कीं। अस्थि विसर्जन के पहले संगम किनारे पूर्व पीएम को गारद से सलामी भी दी गई।
सर्किट हाउस में सुबह अस्थिकलश को भाजपाइयों के साथ तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद सर्किट हाउस से संगम तक पहुंचने में अटल की अस्थि कलश यात्रा को तकरीबन तीन घंटे का वक्त लगा। रिमझिम बरसात के बीच शहर के जिस भी रास्ते से यह यात्रा गुजरी वहां अटल बिहारी अमर रहें, नारे की गूंज में अटल का करिश्मा बयां हो रहा था। भाजपा नेता नरेंद्र देव पांडेय, मनोज कुशवाहा, अंकित सिंह समेत काफी संख्या में भाजपाई भीगते हुए और छाता लेकर पैदल ही चल दिए। अस्थिकलश वाले वाहन में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, डा. रीता बहुगुणा जोशी, राज्यमंत्री महेंद्र सिंह, मेयर अभिलाषा गुप्ता, सांसद विनोद सोनकर, सांसद श्यामा चरण गुप्ता और नगर अध्यक्ष अवधेश चंद्र गुप्ता सवार हुए, जबकि एक दूसरे खुले वाहन में तमाम विधायक एवं भाजपा पदाधिकारी संगम तक गए। संगम में अस्थि विसर्जन के पूर्व एक श्रद्धांजलि सभा भी हुई। श्रद्धांजलि सभा के बाद राज्यपाल, डिप्टी सीएम समेत योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री, संघ के क्षेत्रीय प्रचारक अनिल जी एवं अन्य पदाधिकारी स्टीमर से संगम के बीच गए। वहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनकी अस्थियां संगम में प्रवाहित की गईं।