इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश जूनियर (एडेड) हाईस्कूल शिक्षक भर्ती-2021 में 47 अभ्यर्थियों का परिणाम घोषित न किए जाने के मामले में जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा है कि मामले में सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी, प्रयागराज रिपोर्ट प्रस्तुत करें। कोर्ट ने मामले में आगे की सुनवाई के लिए चार मार्च की तिथि निर्धारित की है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव जोशी ने याची नीरज कुमार यादव व 46 अन्य की याचिका पर दिया है।
याची का कहना है कि सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से परीक्षा का परिणाम 15 नवंबर 2021 को जारी कर दिया गया, लेकिन 47 अभ्यर्थियों का परिणाम अभी तक जारी नहीं हुआ है। याची ने कहा है कि उनकी ओएमआर शीट का मूल्यांकन नहीं किया गया है और न ही परिणाम जारी किया गया।
याची ने कोर्ट के समक्ष नियामक प्राधिकारी को इस संबंध में निर्देश देने की मांग की है। सुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने ओएमआर शीट का मूल्यांकन कर परिणाम जारी करने के संबंध में जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा है।
टीईटी सॉल्वर गैंग सरगना की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
कोर्ट ने उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) सॉल्वर गैंग सरगना की अग्रिम जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है। कहा है कि परिस्थितियों को देखते हुए याची अग्रिम जमानत का अधिकारी नहीं है।यह आदेश जिला न्यायाधीश नलिन कुमार श्रीवास्तव ने शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरि को सुनकर दिया।
अभियोजन के मुताबिक याची जयदीप मौर्या पर परीक्षा में सॉल्वर गैंग चलाने का आरोप है। वह शिक्षक पात्रता परीक्षा में कुछ अभ्यर्थियों से पैसे लेकर उनकी जगह अपने गैंग के सदस्यों को बैठाकर परीक्षा पास करवाने की फिराक में था। उसने टीईटी परीक्षा में भी ऐसा ही किया है। परीक्षा के दिन 23 जनवरी 2022 को थाना खुल्दाबाद प्रभारी निरीक्षक प्रयागराज मुखबिर की सूचना पर छापा मारा गया तो रेलवे स्टेशन के पास 13 व्यक्ति पकड़े गए।
इन लोगों ने बताया कि वह याची के कहने पर ही दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने जा रहे हैं। यह सब वह पैसे के लिए करते हैं। कोर्ट में याची के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि वह प्रतियोगी छात्र है। उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। उसे झूठा फंसाया गया है। पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए लगातार दबिश दे रही है। जबकि शासकीय अधिवक्ता ने कहा कि याची की भूमिका प्रथम दृष्टया परिलक्षित हो रही है। इसलिए वह अग्रिम जमानत का हकदार नहीं है। कोर्ट ने इस पर अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया।