इस मामले में हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि एनसीटीई से नियमों के तहत भर्ती कराई जाए और पूर्व में जारी विज्ञापन निरस्त करते हुए पुनर्विज्ञापन जारी किया जाएगा। साथ ही पूर्व में आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों के आवेदन शुल्क वापस किए जाएं। अब आयोग के सामने बड़ी संख्या ऑनलाइन आवेदन शुल्क लौटाने की है।
दरअसल, तमाम अभ्यर्थियों ने साइबर कैफे के माध्यम से ऑनलाइन शुल्क का भुगतान किया था। ऐसे में आयोग को आशंका है कि अगर शुल्क लौटाया जाता है तो वह सही अभ्यर्थी तक पहुंचेगा या नहीं। आयोग के उपसचिव शिवजी मालवीय का कहना है कि इस मसले पर आयोग ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का निर्णय लिया है। जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में आयोग की ओर से याचिका दाखिल की जाएगी।