हेड कांस्टेबल से प्रोन्नत वेतनमान देकर सहायक सब इंस्पेक्टर बनाए गए करीब 20 हजार पुलिसकर्मियों को पदावनत किए जाने का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। पदावनत किए गए करीब डेढ़ सौ पुलिसकर्मियों ने याचिकाएं दाखिल कर डीजीपी के आदेश को चुनौती दी है। इस हाईकोर्ट ने डीजीपी और प्रमुख सचिव गृह से जवाब मांगा है। याचिकाओं पर न्यायमूर्ति बीके बिड़ला सुनवाई कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इन पुलिसकर्मियों को पदावनत किए जाने की खबर सबसे पहले ‘अमर उजाला’ ने प्रकाशित की थी।
पुलिसकर्मियों की ओर से याचिका दाखिल करने वाले अधिवक्ता विजय गौतम के मुताबिक प्रोन्नति पाए हेडकांस्टेबलों को पूर्व के एक शासनादेश के तहत प्रोन्नत वेतनमान देकर सहायक उपनिरीक्षक बना दिया गया। इनको वर्दी पर एक स्टार और फीता लगाने का अधिकार है। साथ ही लघु अपराधों की विवेचना का भी अधिकार है। सितंबर-नवंबर 2014 में प्रदेश के करीब 20 हजार हेडकांस्टेबलों को प्रोन्नति दे दी गई। बाद में डीजीपी ने 21 फरवरी 2015 को आदेश जारी कर सभी को यह कहते हुए पदावनत कर दिया कि पुलिस विभाग में सहायक उपनिरीक्षक का कोई पद नहीं है। याची के अधिवक्ता का कहना है डीजीपी का आदेश बिना किसी ठोस आधार के है। अदालत इस मामले में 20 अप्रैल 2015 को सुनवाई करेगी।