चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर रूरल टेक्नोलॉजी एंड डेवलपमेंट में की गई नियुक्ति को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। कोर्ट ने इस पर विश्वविद्यालय सहित अन्य पक्षकारों को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। संदीप कुमार यादव की याचिका पर न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता ने सुनवाई की।
याची के अधिवक्ता विभू राय का कहना था कि असिस्टेंट प्रोफेसर रूरल टेक्नोलॉजी एंड डेवलपमेंट के पद पर शशिकांत शुक्ला की नियुक्ति की गई है, जोकि पद की अर्हता नहीं रखते हैं। विज्ञापन में दी गई शर्त के मुताबिक इस पद पर नियुक्ति हेतु तीन वर्ष का अनुभव होना और शोध होना आवश्यक है। नियुक्ति पाने वाले ने अपने अनुभव के जो प्रमाण दिए हैं, उसके मुताबिक ग्राम रोजगार सेवक के पद पर मनरेगा के तहत काम किया है। मनरेगा एक रोजगार योजना है, जिसमें तकनीकी रूप से कोई शोध नहीं होता है। जो शोध कार्य उन्होंने दिखाया है, वह भी पीएचडी के दौरान किया गया है। इसलिए दोनों अनुभव मान्य नहीं है। नियुक्ति को अवैध करार देने की मांग की गई है। हाईकोर्ट ने याचिका पर चार सप्ताह में सभी पक्षकारों को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।