बाबा तिवारी पर दर्ज हैं नौ मुकदमे, 50 लाख अचल संपत्ति के मालिक
बहुजन समाज पार्टी से मेजा विधान सभा के प्रत्याशी सर्वेश चंद्र तिवारी उर्फ बाबा तिवारी के पर 9 मुकदमे दर्ज हैं। बुधवार को नामांकन करने पहुंचे सर्वेश की ओर से जमा शपथ पत्र में दर्ज सूचनाओं के मुताबिक उनके पास कुल 50 लाख की अचल संपत्ति और पांच लाख की चल संपत्ति है। इसके साथ ही दो लाख रुपये नकद और एक लाख की एलआईसी भी है।
पढ़ाई की बात करें तो सर्वेश ने मध्य प्रदेश से एमएससी, एमफिल और एलएलबी की डिग्री हासिल की है। राजनीतिक जीवन में उन्होंने पहली बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा और विजयी बने।
इसके बाद कांग्रेस के टिकट पर मेजा विधान सभा से 2012 में चुनाव लड़ा। 2017 में निषाद पार्टी से चुनाव लड़े और 2021 में उनकी पत्नी उमा तिवारी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जिला पंचायत सदस्य बनीं। पत्नी के पास करीब एक लाख रुपये नकद और 74 हजार की अचल संपत्ति है।
करोड़पति हैं प्रतापपुर से बसपा प्रत्याशी घनश्याम पांडेय
बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर प्रतापपुर विधान सभा सीट से चुनाव लड़ रहे घनश्याम पांडेय के पास इंजीनियरिंग की डिग्री है। उन्होंने मदन मोहन मालवीय कॉलेज से बीई की डिग्री हासिल की है। नामांकन के दौरान दाखिल शपथ पत्र के अनुसार वह करोड़पति हैं। उनके पास करीब एक करोड़ से अधिक की संपत्ति है। इसमें बैंक खातों में करीब 32 लाख रुपये जमा हैं।
इसके अलावा उनके पास करीब 52 हजार रुपये नकद हैं और पांच लाख रुपये कीमत का सोना है। 2 लाख रुपये से अधिक के बांड भी हैं। इसके अलावा लखनऊ में व्यावसायिक भवन और अलग-अलग क्षेत्रों में प्लाट व जमीनें हैं, जिनकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये है।
घनश्याम की पत्नी बृज कुमारी पांडेय भी संपत्ति में अपने पति से कम नहीं हैं। शपथ पत्र के अनुसार उनकी पत्नी के पास करीब दो करोड़ कीमत की कृषि भूमि है। वहीं करीब सात करोड़ रुपये से अधिक की कीमत के व्यावसायिक भवन व अपार्टमेंट आदि हैं।