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विधानसभा चुनाव 2022 : चुनाव जीतने के बाद क्यों चर्चा में आए यह ब्राह्मण नेता

Thu, 17 Mar 2022 05:00 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

विधानसभा चुनाव में इस बार भाजपा और सहयोगी दल से खड़े किए गए कई ब्राह्मण चेहरा चुनाव हार गए। मेजा विधानसभा से नीलम करवरिया, प्रतापपुर विधानसभा से अपना दल एस के राकेश धर त्रिपाठी और  रानीगंज प्रतापगढ़ से विधायक धीरज ओझा को इस बार पराजय झेलनी पड़ी।
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चुनाव - फोटो : Bureau
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विस्तार
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प्रयागराज में सर्वाधिक मतों से जीत हासिल करने वाले शहर उत्तरी विधायक हर्ष वर्धन बाजपेयी को फायदा मिल सकता है। प्रयागराज मंडल के प्रयागराज, फतेहपुर, कौशांबी एवं प्रतापगढ़ जिले की 28 विधानसभा सीट में भाजपा और उसके सहयोगी दल द्वारा जीती गई 14 सीट में से हर्ष ही एकमात्र ऐसे विधायक हैं जो ब्राह्मण है। दो वर्ष बाद होने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए चर्चा इस बात की है कि भाजपा प्रयागराज मंडल से ब्राहमण चेहरे को प्रदेश सरकार के मंत्रीमंडल में जगह दे सकती है।

 

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विधानसभा चुनाव में इस बार भाजपा और सहयोगी दल से खड़े किए गए कई ब्राह्मण चेहरा चुनाव हार गए। मेजा विधानसभा से नीलम करवरिया, प्रतापपुर विधानसभा से अपना दल एस के राकेश धर त्रिपाठी और  रानीगंज प्रतापगढ़ से विधायक धीरज ओझा को इस बार पराजय झेलनी पड़ी। नीलम और धीरज निवर्तमान विधायक होने के बावजूद हारे, जबकि राकेश धर भाजपा के टिकट पर पूर्व में  हंडिया से विधायक बन चुके हैं।

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न सिर्फ चुनाव जीता बल्कि जीत का अंतर भी बढ़ाया
ऐसे में सिर्फ हर्ष ही एकमात्र ऐसे ब्राह्मण विधायक रहे, जिन्होंने अपनी सीट तो बचाने के साथ लंबे अंतर से चुनाव जीता। हर्ष को मिली जीत के बाद प्रयागराज के तमाम ब्राह्मण नेताओं ने उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से मंत्री बनाने की मुहिम शुरू कर दी है।
 
 
 
पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्र देव पांडेय ने कहा कि इस बार हर्ष ने चुनाव बहुत अच्छा लड़ा। उन्हें लंबी लीड भी मिली। पार्षद पवन श्रीवास्तव ने कहा कि मंडल से हर्ष बाजपेयी एकमात्र ब्राह्मण विधायक हैं। पार्टी नेतृत्व को ही तय करना है कि वह प्रयागराज से मंत्रीमंडल में किन नेताओं को जगह देनी है। 
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