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APO परीक्षा में पूछा : किसके शासनकाल में हुई Allahabad University की स्थापना

Sun, 21 Aug 2022 08:47 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से प्रयागराज और लखनऊ के 137 केंद्रों में सुबह 11 से अपराह्न एक बजे तक आयोजित प्रारंभिक परीक्षा के लिए 64101 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 51.61 फीसदी परीक्षार्थी उपस्थित रहे।
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Prayagraj News : बिशप जॉनसन स्कूल से एपीओ की परीक्षा देकर बाहर निकलते अभ्यर्थी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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1887 में किस वायसराय के शासनकाल में इलाहाबाद विश्वविद्यालय की स्थापना हुई? यह सवाल रविवार को आयोजित सहायक अभियोजन अधिकारी (एपीओ) प्रारंभिक परीक्षा-2022 में पूछा गया। जवाब के रूप में चार विकल्प थे, जिनें लार्ड केनिंग, लार्ड डफरिन, लार्ड कर्जन एवं लार्ड मेयो।

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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से प्रयागराज और लखनऊ के 137 केंद्रों में सुबह 11 से अपराह्न एक बजे तक आयोजित प्रारंभिक परीक्षा के लिए 64101 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 51.61 फीसदी परीक्षार्थी उपस्थित रहे। उप्र. लोक सेवा आयोग में परीक्षा देने पहुंचे सुमित खरवार ने बताया कि सामान्य अध्ययन के कुछ सवालों ने थोड़ा बहुत उलझाया, लेकिन कुल मिलाकर पेपर काफी आसान और संतुलित रहा।

सभी प्रश्नों के अंक थे एक समान
परीक्षा में कुल 150 सवाल पूछे गए थे और प्रत्येक सवाल एक अंक का था। परीक्षा में निगेटिव मार्किंग भी थी। सामान्य अध्ययन के 50 और विधि से जुड़े 100 सवाल हल करने थे। अभ्यर्थी अमन त्रिपाठी ने बताया कि पेपर के पैटर्न में कोई विशेष बदलाव नजर नहीं आया। परीक्षा में विधि के छात्र ही शामिल होते हैं, सो पेपर विधि के छात्रों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था। सामान्य अध्ययन के भी कई सवाल विधि पर आधारित रहे।


सामान्य अध्ययन में एक सवाल पूछा गया कि सूची-1 को सूची-11 से सुमेलित कीजिए। इसके तहत लोक सेवा आयोग में सदस्यों की नियुक्ति एवं पदावधि, लोक सेवा आयोग के कृत्य, लोक सेवा आयोगों के व्यय और लोक सेवा आयोगों के प्रतिवेदन को विभिन्न अनुच्छेदों से सुमेलित करना था।
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एक मिनट देर से पहुंचे, नहीं दे सके परीक्षा
दिल्ली से एपीओ की प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होने आए पांच अभ्यर्थी केंद्र पहुंचने के लिए निर्धारित समय से एक मिनट पीछे रह गए और उन्हें केंद्र के बाहर से ही लौटा दिया गया। दिल्ली से परीक्षा देने आए चंद्रशेखर और संजय प्रजापति ने बताया कि वे दोनों और उनके तीन अन्य साथियों का परीक्षा केंद्र कचहरी के पास बिशप जॉनसन स्कूल गर्ल्स विंग में था।


दो लोग रविवार सुबह यहां ट्रेन से पहुंचे, जबकि तीन अभ्यर्थी एक दिन पहले आकर नारीबारी में अपने रिश्तेदार के यहां रुके थे। सुबह 11 बजे से परीक्षा थी और 10.50 बजे तक परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिलना था। बारिश और जाम के कारण देर हो गई। वे 10.51 बजे केंद्र पर पहुंचे। एक मिनट की देर हुई, लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं करने दिया गया। वे परीक्षा से वंचित रह गए।
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