फूलपुर लोकसभा उपचुनाव के लिए भाजपा ने वाराणसी के पूर्व मेयर कौशलेंद्र सिंह पटेल को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। घोषणा होते ही पार्टी में उनके बाहरी होने की सुगबुगाहट सामने आने लगी है। इस पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सफाई देते हुए कहा कि कौशलेंद्र पैराशूट उम्मीदवार नहीं है। इस तर्क को सही साबित करने के लिए उन्होंने कहा कि पीएम मोदी, राहुल गांधी, राजीव गांधी को भी स्थानीय जनता ने स्वीकार किया और भारी मतों से संसद पहुंचाया है।
सिविल लाइंस स्थित एक रेस्टोरेंट में हुई बातचीत के दौरान केशव ने कहा कि कौशलेंद्र लंबे समय से भाजपा में है। वे वाराणसी के मेयर भी रह चुके हैं। संगठन में उनकी सक्रियता को देखते हुए ही पार्टी नेतृत्व ने उन्हें फूलपुर से उम्मीदवार बनाया। पार्टी के लिए सभी कार्यकर्ता समान है। पहले में भी कार्यकर्ता था। उसके बाद ही सांसद, फिर प्रदेश अध्यक्ष और अब डिप्टी सीएम बना। पत्नी राजकुमारी मौर्य को टिकट न दिए जाने के सवाल के जवाब में केशव ने कहा कि वे परिवारवादी नहीं बल्कि कार्यकर्तावादी हैं। पूर्व में ही पार्टी नेतृत्व को अवगत करा दिया था कि परिवार के किसी भी सदस्य के लिए उन्हें टिकट नहीं चाहिए। टिकट सिर्फ किसी पार्टी कार्यकर्ता को ही दिया जाए। विपक्षी दल ही इसका प्रचार कर रहे थे। बसपा के चुनाव न लड़े जाने पर केशव ने तंज कसा कि वे बहन जी पहले ही हार मान गई है। सपा और कांग्रेस को भी जनता वोट नहीं देगी।
क्योंकि जनता जानती है अगर भूल से भी सपा या कांग्रेस के प्रत्याशी चुनाव जीत गए तो वे फूलपुर लोकसभा क्षेत्र का विकास नहीं कर सकेंगे। केशव ने कहा कि वर्ष 2014 के चुनाव में वे रिकार्ड मतों से जीत थे। दावा किया कि इस बार कौशलेंद्र को उससे कहीं ज्यादा मतों से जीत मिलने जा रही है। फूलपुर की जनता सिर्फ विकास चाहती है। विकास के नाम पर ही मैं जनता से एक बार फिर वोट मांगने जाऊंगा। यह सिलसिला वर्ष 2019 क्या वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भी कायम रहेगा। इस दौरान भाजपा विधायक नीलम करवरिया, हर्षवर्धन बाजपेयी, दिवाकर त्रिपाठी, आशीष गुप्ता, देवेंद्र मिश्र, पवन श्रीवास्तव, रवि केसरवानी आदि मौजूद रहे।