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Prayagraj : अशरफ के साले सद्दाम की फॉर्च्यूनर होगी कुर्क, बरेली पुलिस को भेजी गई रिपोर्ट

Mon, 15 Jul 2024 11:53 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

सद्दाम समेत 11 लोगों पर इसी साल मार्च में बरेली के बिथरी चैनपुर थाने में गैंगस्टर का केस दर्ज हुआ है। उसके गैंग में बरेली जेल के वार्डर मनोज गौड़ और शिवहरि अवस्थी भी शामिल हैं। मुकदमा दर्ज होने के बाद से बरेली पुलिस सरगना सद्दाम व गैंग के अन्य सदस्यों की अपराध से अर्जित संपत्ति खोजने में लगी है।
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सद्दाम का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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माफिया खालिद अजीम उर्फ अशरफ के साले अब्दुल समद उर्फ सद्दाम की 35 लाख की फॉर्च्यूनर कुर्क कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कमिश्नरेट पुलिस ने इसे अपने कब्जे में ले लिया है और बरेली पुलिस को रिपोर्ट भी भेज दी है। बरेली पुलिस अब इसे गैंगस्टर एक्ट की धारा 14 (1) के तहत कुर्क करेगी।

सद्दाम समेत 11 लोगों पर इसी साल मार्च में बरेली के बिथरी चैनपुर थाने में गैंगस्टर का केस दर्ज हुआ है। उसके गैंग में बरेली जेल के वार्डर मनोज गौड़ और शिवहरि अवस्थी भी शामिल हैं। मुकदमा दर्ज होने के बाद से बरेली पुलिस सरगना सद्दाम व गैंग के अन्य सदस्यों की अपराध से अर्जित संपत्ति खोजने में लगी है। इसके लिए प्रयागराज पुलिस से भी बरेली पुलिस ने संपर्क किया था।

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इसके बाद से डीसीपी नगर दीपक भूकर के नेतृत्व में एक टीम सद्दाम की अपराध से अर्जित संपत्तियों की तलाश में लगी थी।कुछ दिनों पहले ही टीम ने सद्दाम की फॉर्च्यूनर कार और चार जमीनों को चिह्नित किया था। प्रारंभिक जांच पड़ताल में यह बात सामने आई कि जिस समय इन संपत्तियों को बनाया गया, तब सद्दाम की आय का कोई ठोस स्रोत नहीं था। इस आधार पर ही इन्हें अपराध से अर्जित संपत्ति माना गया है।

अग्रिम कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इन संपत्तियों से संबंधित एक रिपोर्ट बरेली पुलिस को भेज दी है। माना जा रहा है कि बरेली पुलिस जल्द ही इन संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई करेगी। सद्दाम वर्तमान में बदायूं जेल में बंद है।

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गुर्गों के नाम से खरीदीं महंगी गाड़ियां-जमीनें

पुलिस सूत्रों का कहना है कि अपराध से अर्जित संपत्ति की खोजबीन के क्रम में यह बात भी सामने आई है कि अशरफ के जेल जाने के बाद से उसके धंधों की कमान सद्दाम ने संभाल ली थी। इससे मिलने वाले रुपयों को वह ही ठिकाने लगाता था। पुख्ता सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को पता चला है कि सद्दाम ने पूरामुफ्ती, धूमनगंज, कैंट समेत शहर के कुछ इलाकों में रहने वाले अपने बेहद करीबियों के नाम पर अशरफ के पैसों से जमीनें व महंगी गाड़ियां खरीदी हैं। इन सभी के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही इनके खिलाफ भी अपराध से अर्जित संपत्ति के मामले में कार्रवाई की जाएगी।            

आतिन की भी संपत्ति की तलाश

गैंगस्टर के मामले में कुल 11 लोगों में से सद्दाम के अलावा प्रयागराज का एक और नाम शामिल है। खुल्दाबाद निवासी और वर्तमान में रामपुर जेल में बंद आतिन जफर भी सद्दाम के गैंग का सदस्य है और उसकी भी अपराध से अर्जित संपत्ति का पता लगाया जा रहा है। अतीक-अशरफ की हत्या के बाद शाइस्ता व शूटर साबिर उसके घर भी पहुंचे थे और आरोप है कि उसने उन्हें फरार होने में भी मदद की थी। हत्याकांड से पहले लखनऊ में अतीक के बेटे असद के साथ ही फ्लैट में रहता था।

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गैंग के सदस्य
 
गैंग लीडर सद्दाम उर्फ अब्दुल समद निवासी हटवा प्रयागराज, जेल वार्डर मनोज कुमार गौड़ निवासी अशरफ खां छावनी (मूल निवासी गांव कसली, थाना मईल, जिला देवरिया) और शिवहरी अवस्थी गणेश नगर (मूल निवासी गांव कछलिया, थाना पाली, जिला हरदोई), दयाराम उर्फ नन्हे निवासी सैदपुर कुर्मियान, फरहद खां उर्फ गुड्डू निवासी परतापुर जीवनसहाय, सरफुद्दीन निवासी चकमहमूद, मोहम्मद रजा उर्फ लल्ला गद्दी निवासी कांकरटोला चक महमूद, फुरकान नवी खान निवासी रामनगर कॉलोनी रोड नंबर एक, राशिद अली निवासी परौरा मीरगंज, मोहम्मद आरिफ निवासी फीलखाना पीलीभीत और आतिन जफर निवासी खुल्दाबाद प्रयागराज।
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